October 31, 2026 4:13 pm

Chhattisgarh CM Helpline 1076: शिकायतों पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, अधिकारियों को CM विष्णु देव साय की दो टूक

छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए लोग घर बैठे सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि शिकायतों का उद्देश्य केवल पोर्टल पर उन्हें बंद करना नहीं, बल्कि लोगों को वास्तविक और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और प्रशासनिक कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निराकरण संवेदनशीलता और तय समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए।

सरकार के मुताबिक, हेल्पलाइन पर अब तक 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 10 हजार 649 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 34 हजार 727 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। इस तरह कुल शिकायतों में से 85.85 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है।

CM Helpline 1076: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोकतंत्र में शासन और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेह रहना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी इसी उद्देश्य से काम कर रही है, ताकि लोगों की समस्याओं को समय पर सुना जाए और उनका समाधान सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा कि हेल्पलाइन का मकसद शिकायतों के आंकड़े कम करना या पोर्टल पर शिकायतों को बंद दिखाना भर नहीं है। असली उद्देश्य यह है कि शिकायत करने वाले नागरिक को उसकी समस्या का वास्तविक समाधान मिले और वह उससे संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही के कारण पूरे प्रशासन की छवि खराब होना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। जहां कमियां मिलेंगी, वहां सुधार का अवसर दिया जाएगा। वहीं, लगातार लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली के लिए तीन प्रमुख बातों पर जोर दिया- संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान।

Chhattisgarh CM Helpline: 24 घंटे चालू रहती है सेवा, 49 विभाग जुड़े

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एक टोल-फ्री सेवा है। इसके जरिए नागरिक सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को दर्ज करा सकते हैं। यह कॉल सेंटर सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित होता है। राज्य शासन के 49 विभागों के करीब 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए 1,195 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनके तहत तय समय-सीमा में शिकायतों पर कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, हेल्पलाइन पर अब तक कुल 2,45,376 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से 2,10,649 शिकायतों का निराकरण हो चुका है, जबकि 34,727 शिकायतें अभी लंबित हैं। शिकायतों के निपटारे का प्रतिशत 85.85 है। लंबित मामलों पर कार्रवाई जारी है। इस व्यवस्था के जरिए प्रशासनिक कामकाज की निगरानी करने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

बिजली, जमीन, राशन और पेंशन की शिकायतें भी कर सकते हैं दर्ज

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। इनमें बिजली, राजस्व, सरकारी दस्तावेज, प्रशासनिक लापरवाही और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मामले शामिल हैं।

  • बिजली से जुड़ी समस्याएं: अगर जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा है, बिजली कटौती की समस्या है या बिल में गड़बड़ी है, तो इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
  • राजस्व और जमीन संबंधी मामले: खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, जमीन-जायदाद के विवाद और सीमांकन में देरी जैसे मामलों को हेल्पलाइन पर उठाया जा सकता है।
  • सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी शिकायतें: निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के आवेदन में देरी होने या आवेदन खारिज होने की स्थिति में भी शिकायत की जा सकती है।
  • प्रशासनिक लापरवाही: अगर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं अथवा शिकायत के अनुसार थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है, तो ऐसे मामलों को भी हेल्पलाइन के माध्यम से उठाया जा सकता है।
  • जनकल्याणकारी योजनाओं की समस्याएं: स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन कार्ड, पेयजल, सड़क और पेंशन से जुड़ी दिक्कतों के समाधान के लिए भी इस सेवा का उपयोग किया जा सकता है।

इस तरह हेल्पलाइन का दायरा आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों और सरकारी सेवाओं से जुड़ी कई समस्याओं तक फैला हुआ है।

CM Helpline 1076 Success Stories: राशन कार्ड से लेकर पेंशन तक मिली राहत

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के समाधान के कई उदाहरण सामने आए हैं। अलग-अलग जिलों में राशन कार्ड, पेयजल, पेंशन, सोलर पंप और सरकारी सहायता से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है।

राशन कार्ड की समस्या दूर, नियमित मिलने लगा अनाज

जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम भवतरा निवासी देवेंद्र दिनकर ने राशन कार्ड से संबंधित समस्या की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित त्रुटि में सुधार किया गया। इसके बाद उनका राशन कार्ड फिर से सक्रिय हो गया और उन्हें नियमित रूप से राशन मिलने लगा।

कुछ ही घंटों में सुधारा गया खराब सोलर पंप

कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिखली के आश्रित ग्राम हड़फड़ में सोलर पंप खराब होने की समस्या सामने आई थी। शिकायत के बाद क्रेडा विभाग ने कुछ ही घंटों के भीतर पंप को ठीक कर दिया। इससे संबंधित लोगों को राहत मिली।

अवैध रेत और गिट्टी परिवहन पर कार्रवाई

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत और गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ ट्रैक्टर वाहन जब्त किए। यह कार्रवाई अवैध खनिज परिवहन से संबंधित मामले में की गई।

इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी की लंबित राशि मिली

महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र के ग्राम केंवटापाली निवासी खिरोद कुमार साव की इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी सब्सिडी से जुड़ी समस्या लंबित थी। परिवहन विभाग ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामले का समाधान किया और उन्हें राशि उपलब्ध कराई।

बुजुर्ग की वृद्धावस्था पेंशन हुई बहाल

जशपुर जिले के तपकरा क्षेत्र के बुजुर्ग त्रिपुरारी शर्मा की वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई थी। शिकायत मिलने के बाद उनकी पेंशन बहाल कर दी गई। इससे उन्हें दोबारा पेंशन का लाभ मिलने लगा।

पेयजल की समस्या दूर, 200 परिवारों को राहत

तपकरा क्षेत्र के ओम प्रकाश की शिकायत पर जल प्रदाय योजना के तहत नया मोटर स्थापित किया गया। इसके बाद पेयजल आपूर्ति सुचारू हो गई। इस कार्रवाई से करीब 200 परिवारों को राहत मिली।

छात्रा के आधार कार्ड में सुधरी जन्मतिथि

सरगुजा जिले के ग्राम करिया की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि से संबंधित त्रुटि थी। शिकायत के बाद इसमें सुधार किया गया। इससे छात्रा के लिए आगे की पढ़ाई से जुड़ी प्रक्रिया आसान हुई।

CM Helpline 1076 से प्रशासन और जनता के बीच मजबूत हो रहा संपर्क

पहले कई बार आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अलग-अलग विभागों में आवेदन देने और सुनवाई का इंतजार करने में समय लगता था। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए ऐसी समस्याओं को दर्ज कराने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इस डिजिटल व्यवस्था में प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट पंजीकरण नंबर दिया जाता है। इसके जरिए शिकायत की पहचान और उस पर की जा रही कार्रवाई की निगरानी संभव होती है। उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में भी मदद मिलती है।

हेल्पलाइन पर राशन कार्ड, पेंशन, पेयजल और सरकारी सहायता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उदाहरण बताते हैं कि ऐसी व्यवस्था लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, इसका उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शिकायतों का निपटारा समय पर होने के साथ-साथ नागरिकों को संतोषजनक समाधान भी मिले। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इसी बात पर जोर दिया है कि प्रशासन का मूल्यांकन केवल शिकायतों के आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों को मिलने वाली राहत से होना चाहिए। सरकार की कोशिश है कि तकनीक के माध्यम से आम जनता और प्रशासन के बीच संपर्क मजबूत हो तथा नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

Khabar 30 Din
Author: Khabar 30 Din

विज्ञापन
Advertisement
error: Content is protected !!