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ट्विटर पर आपके फॉलोअर्स रातों-रात कम हो गए, तो मिलेगा फायदा; जानिए ट्विटर ने ऐसा क्यों किया?

नई दिल्ली

बीती रात से एक बार फिर ट्विटर चर्चा में आ गया है। गुरुवार को इस प्लेटफॉर्म पर अचानक यूजर्स के फॉलोअर्स की संख्या घट गई। जिसके बाद ट्विटर पर ही ट्विटर को लेकर शिकायतों का दौर शुरू हो गया। सालों से जिन यूजर्स के फॉलोअर्स धीरे-धीरे बढ़ रहे थे, अचानक उनके कम होने पर गुस्सा तो आएगा ही। फॉलोअर्स कम होने पर लोगों ट्विटर के नए CEO पराग अग्रवाल को भी घेर लिया। विपक्षी दलों से जुड़े कई नेताओं और उनके समर्थकों ने इसे पराग और भाजपा के बीच की मिलीभगत तक बता दिया।

इस मामले में सवाल ये उठता है कि आखिर अचानक से ऐसा क्यों हुआ? क्या वाकई ट्विटर जान-बूझकर फॉलोअर्स की संख्या कम कर रहा है? फॉलोअर्स को लेकर ट्विटर की पॉलिसी क्या है? इस मामले में ट्विटर और यूजर को क्या मिलेगा? इन तमाम सवालों के जवाब एक-एक कर जानते हैं। शुरुआत करते हैं ट्विटर के फॉलोअर्स की पॉलिसी से…

ट्विटर पर किसी को फॉलो करने से जुड़े नियम
ट्विटर ने किसी ट्विटर अकाउंट को फॉलो करने के लिए कुछ नियम भी तैयार किए हैं। ये नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि बोट्स या फेक अकाउंट को कंट्रोल किया जा सके। कुछ ऐसे हैं ये नियम…

  • ट्विटर पर एक यूजर रोजाना 400 अकाउंट को फॉलो कर सकता है। वैरिफाइड अकाउंट वाले यूजर्स एक दिन में 1000 अकाउंट्स को फॉलो कर सकते हैं।
  • प्रत्येक अकाउंट 5000 अकाउंट को फॉलो कर सकता है। इसके बाद नए अकाउंट तभी फॉलो कर पाएंगे जब आपके अकाउंट को फॉलो करने वालों की संख्या में इजाफा होता है।
  • 5000 से ज्यादा अकाउंट को फॉलो करने वाला नंबर्स हर अकाउंट के लिए अलग-अलग होता है। यूनीक रेशियो के आधार पर इसे ऑटोमैटिक कैल्कुलेट किया जाता है।

ट्विटर ने आखिर फॉलोअर्स को कम क्यों किया?
ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिर उनके फॉलोअर्स अचानक से कम क्यों हो गए? इस बारे में टेक एक्सपर्ट अभिषेक तैलंग ने बताया कि फॉलोअर्स कम होने से लोगों को घबराने के जरूरत नहीं है। किसी भी सोशल प्लेटफॉर्म पर ऐसा होता है, जब लोगों के फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स कम हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंपनियां बोट्स (एक तरह के फेक अकाउंट) को हटाती हैं। ये ऐसे अकाउंट होते हैं जो ट्विटर पर फेक न्यूज या प्रोपेगेंडा फैलाते हैं। सालभर में कंपनियां ऐसे अकाउंट्स को हटा देती हैं। ट्विटर ने जो किया वो अपनी कम्युनिटी गाइडलाइन के तहत किया है।

ऐसा नहीं है कि बोट्स को हटाने का काम सिर्फ ट्विटर द्वारा किया जाता है, बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सभी प्लेटफॉर्म भी ऐसा करते रहते हैं। नए IT नियमों को बाद से सभी सोशल प्लेटफॉर्म को ऐसे अकाउंट्स पर बैन लगाना अनिवार्य हो गया है जिनके खिलाफ किसी तरह की शिकायत मिलती है, या फिर जो फेक कंटेंट को बढ़ावा दे रहे हैं। जैसे, सितंबर में वॉट्सऐप ने 20 लाख से ज्यादा अकाउंट को बैन कर दिया था।

आपका अकाउंट फेक है या नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए कंपनियां सिक्योरिटी का लेवल लगातार बढ़ा रही हैं। जैसे, अकाउंट का टू-स्टेप वैरिफिकेशन किया जाता है। यूजर को अपना अकाउंट फोन नंबर से जोड़ने के लिए कहा जाता है। ऐसे में यदि किसी ने बहुत सारे फेक अकाउंट बना रखे हैं तब वो सभी के लिए फोन नंबर नहीं दे पाता। ऐसे में उन अकाउंट्स को बैन कर दिया जाता है।

इस तरह फॉलोअर्स घटाने से ट्विटर को क्या मिलेगा?
भारत में ट्विटर के करीब 2.45 करोड़ यूजर्स हैं। इनमें कई बोट्स यानी फेक अकाउंट्स भी हो सकते हैं। लगातार फेक अकाउंट्स पर कंपनी नजर नहीं रख पाती है। ऐसे में वो सालभर के दौरान कुछ सेफ्टी फिल्टर्स की मदद से इन अकाउंट्स पर बैन लगा देती है। ऐसा करने से ट्विटर को दो फायदे होते हैं। पहला ऐसे अकाउंट्स प्लेटफॉर्म से हट जाते हैं जो फेक कंटेंट या प्रोपेगेंडा फैलाते हैं। दूसरा, ऐसे अकाउंट्स के हटने से उसका सर्वर का भार कम होता है। इन सब के साथ फेक कंटेंट से कंपनी को लेकर जो इमेज बनती है, उसे सुधारने में मदद मिलती है।

जिन यूजर्स के फॉलोअर्स घट गए उन्हें इससे फायदा या नुकसान?
इसका सीधा जवाब है कि सभी यूजर्स को फायदा होगा। इस बात को एक छोटे से उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपके ट्विटर अकाउंट के 1000 फॉलोअर्स हैं। इनमें से 300 अकाउंट ऐसे हैं जो सालों से एक्टिव नहीं है। इनमें कुछ ऐसे हैं जो 5 साल पहले बनाए गए थे। सालभर एक्टिव भी रहे, लेकिन 4 सालों से उनमें कोई एक्टिविटी नहीं है। यानी ये सिर्फ नाम के फॉलोअर्स हैं। जब आप अपने अकाउंट पर कोई कंटेंट शेयर करते हैं, तो इन 300 अकाउंट्स की तरफ से लाइक और शेयर नहीं मिलेगा। इससे कंटेंट को आगे पुश होने में मदद नहीं मिलेगी।

अब मान लेते हैं कि आपको 700 फॉलोअर्स हैं। ये सभी एक्टिव भी हैं। तो जब भी आप कोई कंटेंट शेयर करेंगे तब 700 लोग इस पर रिएक्ट कर सकते हैं। यानी आपको पोस्ट पर रिएक्शन 100% रहा। वहीं, जिन 1000 फॉलोअर्स में से 300 फॉलोअर्स इनएक्टिव थे उससे पोस्ट पर रिएक्शन 70% था। जाहिर सी बात है जिस पोस्ट पर रिएक्शन का प्रतिशत ज्यादा होगा उसे सपोर्ट भी मिलेगा। ऐसे में जिन अकाउंट्स को फॉलोअर्स कम हुए हैं उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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