नागालैंड (Nagaland) के मोन जिले में सुरक्षा बलों द्वारा 15 नागरिकों की हत्या के बाद, पूर्वोत्तर से कठोर सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को निरस्त करने के लिए कोलाहल तेज हो गया है।  नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भी AFSPA को खत्म करने की मांग की है।
बता दें कि पूर्वोत्तर (Northeast) के कई राजनीतिक दलों और संगठनों और क्षेत्र के दो मुख्यमंत्रियों ने इस कठोर कानून को निरस्त करने की मांग की है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो (CM Neiphiu Rio) ने कहा कि उन्होंने केंद्र से इस कानून को वापस लेने का आग्रह किया है।
रियो (CM Neiphiu Rio) ने कहा कि “मैंने केंद्र सरकार से नागालैंड से अफ्सपा हटाने का आग्रह किया है क्योंकि कानून देश की छवि पर एक काला धब्बा है।” मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा (CM Conrad Sangma) ने भी उस अधिनियम को निरस्त करने की मांग की है जो आतंकवाद रोधी अभियानों को अंजाम देने के दौरान सुरक्षा बलों को पर्याप्त छूट प्रदान करता है।
संगमा ने एक ट्वीट में कहा, “AFSPA को निरस्त किया जाना चाहिए।” संगमा के ट्वीट के जवाब में, कांग्रेस (Congress) नेता अम्परिन लिंगदोह ने कहा, “मेघालय कांग्रेस विधायक दल AFSPA को निरस्त करने का समर्थन करेगा।”
प्रभावशाली नागरिक समाज समूह, नागा मदर्स एसोसिएशन (NMA), असम जातीय परिषद (AJP), TIPRA, राइजिंग पीपुल्स पार्टी (RPP), यूनाइटेड नगा काउंसिल,  नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NESO), NJCF, सेंट्रल नागालैंड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (CNS) ने  AFSPA को खत्म करने की मांग की है।