नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो (CM Neiphiu Rio) ने डिप्टी सीएम वाई पैटन (deputy CM Y Patton) और NPF नेता TR जेलियांग के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की है।  असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) भी बैठक में मौजूद थे।

बैठक में कथित तौर पर पूर्वोत्तर, विशेष रूप से नागालैंड से सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम (AFSPA) को निरस्त करने की लगातार बढ़ती मांग के मुद्दे पर चर्चा हुई। बता दें कि 4 दिसंबर को नागालैंड के मोन जिले में एक असफल आतंकवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों द्वारा 14 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद से ‘कठोर’ अफस्पा को निरस्त करने की मांग जोर से बढ़ रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमित शाह (Amit Shah) ने प्रतिनिधिमंडल को गठित करने का आश्वासन दिया है। नागालैंड से AFSPA को वापस लेने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कथित तौर पर प्रतिनिधिमंडल को 14 पीड़ित परिवारों में से प्रत्येक को जल्द ही नौकरी देने का आश्वासन दिया है।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि बगावत रोधी अभियान में निर्दोष नागा नागरिकों की हत्या में शामिल 21 पैरा स्पेशल फोर्स के कमांडो को निलंबित कर दिया जाएगा। भारतीय सेना पहले ही नागालैंड गोलीबारी की घटना में मेजर जनरल रैंक के एक अधिकारी की अध्यक्षता में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (court of inquiry) का आदेश दे चुकी है जिसमें 14 नागरिक मारे गए थे।

नागालैंड विधानसभा ने केंद्र से पूर्वोत्तर से AFSPA को हटाने की मांग करने का “सर्वसम्मति से संकल्प” लिया था। मुख्यमंत्री नेफियू रियो (CM Neiphiu Rio) द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि “नागालैंड विधानसभा सर्वसम्मति से यह मांग करने का संकल्प लेती है कि भारत सरकार सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम, 1958 को पूर्वोत्तर और विशेष रूप से नागालैंड से निरस्त करे।”