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नर्मदा में फेंके नकली रेमडेसिविर:जबलपुर में 3 दवा की दुकान सील, सप्लॉयर ने कहा- सिटी अस्पताल के संचालक ने दिए थे गुजरात के फर्म के नंबर; नाम आते ही बीमार पड़ा

जबलपुर
अधारताल में सत्येंद्र मेडिकोज की दुकान सील।

गुजरात में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन फैक्टरी का भंडाफोड़ होने के बाद जबलपुर में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन ने नर्मदा नदी में नकली इंजेक्शन फेंक दिए थे। उसने जिले में 400 इंजेक्शन सप्लाई की बात स्वीकार की है। दवा सप्लॉयर ने नकली रेमडेसिविर मामलेे में सिटी अस्पताल का संचालक सर्वजीत सिंह मोखा का नाम लिया है। सर्वजीत ने ही उसे गुजरात की नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचनेे वाली फर्म का नंबर दिया था। उसने इंजेक्शन खरीदे हैं।

सपन जैन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस, प्रशासन और ड्रग विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भगवती फार्मा सहित दवा दुकानों को सील कर दिया। वहीं, सर्वजीत मोखा मामले में नाम सामने आने पर अस्पताल में भर्ती हो गया है और हार्ट अटैक आने की बात कही है। वह विश्व हिंदू परिषद के नर्मदा जिले अध्यक्ष है। यहां बता दें विहिप में जबलपुर जिले में नर्मदा और दुर्गावती जिला नाम से दो अध्यक्ष होते हैं।

गुजरात पुलिस ने गुरुवार की देर शाम सपन जैन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जबलपुर का स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया। कलेक्टर के निर्देश पर नायब तहसीलदार संदीप जायसवाल की अगुवाई में ड्रग इंस्पेक्टर और अधारताल पुलिस ने सपन जैन के चाचा सत्येंद्र जैन की दवा दुकान पर पहुंची। वहां से टीम को चार रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले। सत्येंद्र जैन ने इसका बिल पेश करते हुए बताया कि यह इंजेक्शन उसने अपने रिश्तेदार को लगवाने के लिए मंगवाए थे, पर उसे नहीं लगा तो बेचने के लिए रखे थे।

सत्येंद्र जैन से पूछताछ में सिटी अस्पताल के संचालक का नाम आया सामने
नायब तहसीलदार संदीप जायसवाल और टीआई अधारताल शैलेश मिश्रा के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में सत्येंद्र जैन ने बताया कि नकली इंजेक्शन मामले में गिरफ्तार सपन जैन को गुजरात की उस फर्म का पता सिटी अस्पताल के संचालक सर्वजीत सिंह मोखा ने दी थी। सपन जैन का सिविक सेंटर में भगवती फर्म नाम से दवा सप्लाई का काम है। फर्म ने सिटी अस्पताल में 70 लाख की दवा सप्लाई की थी।

इसका भुगतान करने के एवज में मोखा ने सपन को गुजरात की नकली इंजेक्शन बनाने वाली फर्म का नंबर मुहैया कराते हुए वहां से इंजेक्शन सप्लाई करने का झांसा दिया था। उसने प्रति इंजेक्शन एक हजार रुपए की दर से खरीदने की बात कही थी।

नाम सामने आते ही मोखा खुद के अस्पताल में हुआ भर्ती
सिटी अस्पताल का संचालक पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए खुद के अस्पताल में भर्ती हो गया। उसके बारे में अस्पताल की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसे हार्ट अटैक आया है। मोखा का संबंध एक विहिप से होने के साथ ही साथ कई नेताओं अच्छे संबंध हैं। ऐसे में पूरे मामले में लीपापोती शुरू हो गई है।

मालवीय चौक स्थित सत्यम मेडिकोज भी सील।

सिविक सेंटर और मालवीय चौक स्थित भी दो दुकान सील
सपन जैन की गिरफ्तारी के बाद कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर एसडीएम रांझी दिव्या अवस्थी ने सिविक सेंटर दवा बाजार स्थित भगवती फर्म सेल्स और मालवीय चौक स्थित सत्यम मेडिकोज को सील कर दिया। दोनाें ही दवा दुकानों में नकली रेमडेसिविर संबंधी कार्रवाई को लेकर जांच जारी है। इस मौके पर सीएसपी ओमती आरडी भारद्वाज, टीआई ओमती एसपीएस बघेल, अतिरिक्त तहसीलदार नेहा जैन, ड्रग इंस्पेक्टर मनीषा धुर्वे साथ में थीं।

मोखा का दावा दवा लेते थे इंजेक्शन नहीं लिए
उधर, आरोपों में घिरे सर्वजीत मोखा ने हार्ट अटैक आने के बावजूद अपना पक्ष रखा। दावा किया कि सपन जैन दवा का बड़ा सप्लायर्स हैं। उसकी शहर में कई अस्पतालों में सप्लाई है। उसके यहां भी दवाओं की सप्लाई करता है। पर उससे रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं खरीदे हैं। हमारे अस्पताल को बदनाम करने की ये साजिश है। रेमडेसिविर इंजेक्शन शासन या जिस कंपनी में उसका अकाउंट है, वहां से मिलते हैं।

सर्वजीत मोखा पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने का आरोप।
सर्वजीत मोखा पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने का आरोप।
रेमडेसिविर इंजेक्शन की जांच कराने की मांग
जबलपुर केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रशासन से रेमडेसिविर की लेबोरेटरी परीक्षण कराने की मांग की है। एसोसिएशन के सचिव चंद्रेश जैन ने कहा कि जिले भर से इस इजेक्शन के सैंपल लिए जाएं ताकि उनकी जांच करवाई जा सके। नागरिकों में इंजेक्शन को लेकर नकली व असली होने का संशय पैदा हाे रहा है। कोरोना मरीजों की जान से किसी तरह का खिलवाड़ न होने पाए। उन्हें उच्च गुणवत्ता की दवाएं प्राप्त हों।

यह है मामला
गुजरात के मोरबी शहर से पुलिस ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। गुजरात क्राइम ब्रांच ने गुरुवार देर रात जबलपुर पहुंची और अधारताल पुलिस की मदद से आशानगर अधारताल निवासी सपन उर्फ सोनू जैन को गिरफ्तार ले गई थी। सोनी भगवती फर्म का संचालक है और उसके चाचा की अधारताल में और परिवार की एक दुकान मालवीय चौक में है। गुजरात पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 90 लाख रुपए और 3370 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त किए हैं।

गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आया सपन जैन।
गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आया सपन जैन।

एक टीम आरोपियों से पूछताछ करने इंदौर भेजी है
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में सूरत और इंदौर पुलिस के लगातार टच में हूं। एक टीम इंदौर भेजी जा रही है। एक-दो नाम अन्य जिलों के भी सामने आए हैं, वहां भी टीम भेजी जा रही है। सिटी अस्पताल के संचालक मोखा के बारे में जो प्रारंभिक जानकारी आई है, उसे भी तस्दीक की जा रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी जबलपुर

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