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फील्ड अफसरों से मोदी बोले- आप इस लड़ाई के कमांडर, आप ही योजनाओं को साकार करते हो, कोई प्रयास न छोड़ें

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यों और जिलों के फील्ड ऑफिसर्स के साथ बैठक की। इस दौरान कोरोना के हालात और इससे निपटने के उनके अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने फील्ड ऑफिसर्स से कहा कि कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आपकी बहुत अहम भूमिका हैं। आप युद्ध के कमांडर हैं। किसी भी युद्ध में कई कमांडर कई योजनाओं को मूर्त रूप देते हैं, लड़ाई लड़ते हैं और हालात के हिसाब से फैसला करते हैं। आप भारत की लड़ाई के महत्वपूर्ण फील्ड कमांडर हैं। उन्होंने कहा कि आप एक भी प्रयास मत छोड़िए।

उन्होंने कहा कि वायरस के खिलाफ हमारे हथियार लोकल कंटेनमेंट जोन, एग्रेसिव टेस्टिंग, लोगों तक सही और पूरी जानकारी पहुंचाना है। हॉस्पिटल में बेड कहां और कितने हैं, इस जानकारी से लोगों को सहूलियत होगी। कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, बैठक में कर्नाटक, बिहार, असम, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

मोदी के संबोधन की 8 बातें
1. हर जिले के अपने अलग चैलेंज

आप लोगों से निवेदन है कि आपने जो अच्छा किया है, वो मुझतक पहुंचाइए। मैं दूसरी जगहों पर उन्हें लागू करना निश्चित करूंगा। ये चीजें देश के काम आएंगी। आपके प्रयासों की मैं प्रशंसा करता हूं। हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियां भी हैं। हर जिले के अपने अलग चैलेंज हैं।

2. गांवों से कोरोना को दूर रखना होगा
आप अपने जिलों के चैलेंज को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। जब आपका जिला जीतता है तो देश जीतता है। जब आपका जिला कोरोना को हराता है तो देश कोरोना को हराता है। हम इसलिए कहते हैं कि मेरा गांव मैं कोरोना मुक्त रखूंगा, कोरोना को नहीं घुसने दूंगा। गांव के लोग ये संकल्प लें।

3. पॉलिसी को लेकर आपको खुली छूट
अगर आपको लगता है कि सरकार द्वारा बनाई पॉलिसी में जिला स्तर पर इनोवेशन की जरूरत है और पॉलिसी को मजबूती मिलेगी तो मेरी तरफ से आपको खुली छूट है कि आप इनोवेशन करिए। अगर आपको लगता है कि आपके इनोवेशन देश या प्रदेश के लिए फायदेमंद हैं तो आप उसे सरकार तक पहुंचाइए। आप अपने अनुभव के आधार पर पॉलिसी में बदलाव की जरूरत लगती है तो उसे भी हम तक पहुंचाइए।

4. हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
आपके बहुत से साथी ऐसे जिलों में होंगे, जहां कोरोना संक्रमण पीक पर पहुंचने के बाद अब कम हो रहा है। उनके अनुभवों से सीखकर आप अपने जिलों में अपनी रणनीति मजबूत करेंगे तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई मजबूत होगी। कई राज्यों में संक्रमण के आंकड़े कम हो रहे हैं तो कई राज्यों में बढ़ भी रहे हैं। कम होते आंकड़ों के बीच हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

5. हमारी जिम्मेदारी हर एक जीवन बचाने की है
एक साल से जो बैठकें ले रहा हूं, उसमें यही कह रहा हूं कि हमारी जिम्मेदारी हर एक जीवन बचाने और संक्रमण को रोकने की है। ये तभी संभव है, जब संक्रमण के फैलाव की सही जानकारी हो। ट्रैकिंग, ट्रेसिंग, इलाज और कोविड बिहेवियर पर ध्यान देने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत ध्यान देना है। इसमें आपका अनुभव बहुत काम आने वाला है। गांव में जागरूकता बढ़ानी है और उन्हें कोविड इलाज से जोड़ना है।

6. गरीब को परेशानी कम से कम हो
समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति का चेहरा ध्यान में रखकर काम करना है। उसे मदद मिले, ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। जब होम आइसोलेशन में रह रहे परिवारों के पास प्रशासन ऑक्सीमीटर और दवाएं लेकर जाते हैं तो परिवार को संबल मिलता है। कोविड के अलावा जिले के हर एक नागरिक की ईज ऑफ लिविंग का भी ध्यान रखना है। संक्रमण को भी रोकना है और दैनिक जीवन से जुड़ी सप्लाई को भी बेरोकटोक चलाना है। स्थानीय स्तर पर कंटेनमेंट के लिए जो भी गाइडलाइंस जारी हैं, उनका पालन कराते समय इस पर भी गौर करना होगा। गरीब को परेशानी कम से कम हो।

7. वैक्सीनेशन इस लड़ाई का सशक्त माध्यम
अस्पतालों में ऑक्सीजन मॉनिटरिंग कमेटी जितना सही काम करेगी, उतना ही ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल हो पाएगा। टीकाकरण कोविड से लड़ाई का सशक्त माध्यम है। इससे जुड़े हर भ्रम को हमें मिलकर निरस्त करना है। कोरोना के टीके की सप्लाई को बड़े स्तर पर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वैक्सीनेशन को लेकर व्यवस्थाओं को हेल्थ मिनिस्ट्री लगातार सुधार रही है। अगले 15 दिन का शेड्यूल एडवांस में राज्यों को देने की कोशिश है। आपको भी पता रहेगा कि जिले में कितने लोगों की वैक्सीन उपलब्ध होगी और तैयारी कैसे करें। वैक्सीन वेस्टेज का प्रबंधन भी आप जानते हैं।

8. चुनौती बड़ी पर हमारा हौसला उससे भी बड़ा
बरसात के मौसम में आपकी चुनौतियां बढ़ जाती हैं। आपको बहुत तेजी से अपनी जरूरतों को पहचानना है और प्रबंध करना है। अस्पताल में बारिश की वजह से बिजली चली गई तो मुश्किल बढ़ जाएगी। इसे अभी से सोचना है। चुनौती बड़ी है और हमारा हौसला उससे भी बड़ा है। इरादों और हौसलों से ही हम देश को भी संकट से बाहर निकालेंगे। आपके अनुभव आपके अलावा देश के भी काम आने वाले हैं। मुझे भरोसा है कि आपके सहयोग से, कुशल नेतृत्व और प्रबंधन से भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ेगा।

20 मई को 10 राज्यों के अफसरों के साथ मीटिंग
जानकारी के मुताबिक, PM मोदी 20 मई को 10 राज्यों के 54 जिलाधिकारियों से भी चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि ये वे जिले हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पुड्डुचेरी, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, उड़ीसा, केरल और हरियाणा के जिलाधिकारी शामिल होंगे।

बीते दिन डॉक्टर्स के साथ मीटिंग की थी
इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के डॉक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की थी। मोदी ने सभी शहरी डॉक्टर्स से उनके अनुभव ग्रामीणों हेल्थ वर्कर्स से साझा करने और उन्हें ट्रेनिंग देने की अपील भी की थी।

मोदी के साथ मीटिंग में जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राज्यों के डॉक्टर्स भी जुड़े। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जिस तरह से हेल्थ वर्कर्स ने काम किया है उसकी जितनी सराहना की जाए, वह कम ही है।

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