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छत्तीसगढ़ के 11 स्टील उद्योगों को ऑक्सीजन देने पर केंद्र तैयार, राज्य सरकार ने पिछले दिनों भेजा था प्रस्ताव

रायपुर

ऑक्सीजन की किल्लत में ठप हो चुके छत्तीसगढ़ के स्टील उद्योग को अब राहत की सांस मिलेगी। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 11 स्टील कारखानों को कुल उत्पादन का 17% ऑक्सीजन उपयोग पर सहमति जता दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आश्वासन मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आशय का प्रस्ताव उद्योग मंत्री को भेजा था।

अधिकारियों ने बताया, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक पत्र लिखकर बताया है, गृह मंत्रालय ने चिकित्सा एवं रक्षा उत्पादन से जुड़े उद्योगों को ऑक्सीजन के उपयोग की अनुमति संबंधी आदेश 26, 27 और 28 अप्रैल को ही जारी हो चुका है। इसी प्रकार इंडियन स्टील एसोसिएशन से आक्सीजन की आवश्यकता से जुड़े प्रस्ताव पर उद्योगों को प्रतिदिन 17 मीट्रिक टन आक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्टील उद्योगों में लगातार कामकाज के संचालन के लिए सचिवों का एक अधिकार प्राप्त समूह भी बनाया गया है। इस समूह ने स्टील उद्योगों में ऑक्सीजन के उपयोग की मंजूरी दे दी है। ऑक्सीजन उपयोग की सहमति मिल जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर आभार जताया है।

छत्तीसगढ़ के इन उद्योगों को मिलेगी ऑक्सीजन

द मेटलिक अलॉयस रायपुर, JSW ISPL रायगढ़, हीरा पॉवर एंड स्टील लिमिटेड रायपुर, JSW स्टील स्पेशल प्रोडक्ट लिमिटेड रायपुर, शारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड रायपुर, तिरुमला बालाजी अलॉयस रायगढ़, SS वेंचर्स रायगढ़, सातुम फेरो अलॉयस प्रा. लि. भिलाई, वंदना ग्लोबल लिमिटेड रायपुर, श्री नकोडा इस्पात रायपुर और कुशल केमिकल्स भिलाई।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने रखी थी मांग

बताया जा रहा है कि पिछली 16 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना प्रबंधन के विषय में चर्चा के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फोन किया था। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने स्टील उद्योग में काम बंदी की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, ऑक्सीजन के पूरे उत्पादन को मेडिकल क्षेत्र में भेजे जाने के आदेश से स्टील उद्योग बंद हो गए हैं। इसकी वजह से लाखो मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं। बाद में प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री से फोन पर ही चर्चा की थी।

उद्योगों के लिए मांगा था 20% ऑक्सीजन

मुख्यमंत्री की ओर से जो प्रस्ताव गया था उसके मुताबिक, छत्तीसगढ़ में रोजाना 462 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है। इसमें से 15 मई तक 115 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रदेश के अस्पतालों में भेजा गया। वहीं 175 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दूसरे प्रदेशों को गया। पिछले महीने की 28 तारीख को प्रदेश के अस्पतालों में 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भेजा गया था। वहीं दूसरे राज्यों को 340 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिया गया। इसका कम से कम 20% हिस्सा यानी 92 मीट्रिक टन उद्योगों को दे दिया जाए तो वे काम शुरू कर पाएंगे।

पिछले महीने लगा दी गई थी रोक

देशभर में मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन के औद्योगिक प्रयोग पर रोक लगा दी थी। केवल 9 सेक्टर को इससे छूट थी। इसमें स्टील उद्योग भी शामिल था। बाद में इस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। स्टील उद्योगों में बनी ऑक्सीजन को अस्पतालों के लिए भेजा जाने लगा था।

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