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सुलगते सिलगेर पर दोनों पक्ष चाहते हैं समय:ग्रामीणों ने कहा- दोषी जवानों की गिरफ्तारी हो, कैंप हटाया जाए

सुकमा/बीजापुर

  • सरकारी दल बोला- स्टेट हाईवे खोलें, प्रस्ताव भेजेंगे; दोनों ने मांगा सोचने का वक्त
  • इन दूरियों को मिटाने की कोशिश : प्रतिनिधि मंडल की ओर से बताया गया कि जिन बिंदुओं पर ग्रामीणों से चर्चा की गई है। उस पर अब एक-दो दिन में उनको लिखित आश्वासन दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के सुकमा स्थित सिलगेर सुलग रहा है। पुलिस कैंप के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस का जांच दल गुरुवार को बात करने रवाना हुआ, लेकिन सिलगेर तक पहुंच नहीं पाया। तर्रेम गांव में एक बड़े से टीले के दो छोर से बातचीत हुई। ग्रामीणों ने दोषी जवानों की गिरफ्तारी, कैंप हटाए जाने और रिटायर्ड जज से जांच कराने की मांग रखी। वहीं सरकार की टीम ने स्टेट हाईवे खोलने और कैंप हटाने का प्रस्ताव भेजने की बात कही । फिलहाल दोनों ओर से और समय मांगा गया है।जांच दल के चेयरमैन और बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी। उनके पास जो सबूत हैं, पेश करें।

जांच दल के चेयरमैन और बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी। उनके पास जो सबूत हैं, पेश करें।

कैंप का प्रस्ताव पास करने वाली ग्राम सभा की जांच की जाए

पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव कम करने के लिए पहुंची टीम के सामने गांव वालों ने अपनी 7 मांगें रखी हैं। इसको लेकर उन्होंने एक पत्र भी टीम को सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि कैंप तो हटाया जाए, लेकिन साथ ही इसका प्रस्ताव पास करने वाली ग्राम सभा की भी जांच हों। हालांकि इससे पहले बार-बार कहा जा रहा था कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना कैंप को खोला गया है और उस जमीन पर पुलिस ने अवैध कब्जा किया है।

जिस बीजापुर-सुकमा स्टेट हाईवे को खोलने की बात कही जा रही है, वह नक्सलियों के कारण साल 2003-04 के पहले से बंद है। अब इस पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन ग्रामीणों के आंदोलन के चलते इसे फिर बंद करना पड़ा है।
जिस बीजापुर-सुकमा स्टेट हाईवे को खोलने की बात कही जा रही है, वह नक्सलियों के कारण साल 2003-04 के पहले से बंद है। अब इस पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन ग्रामीणों के आंदोलन के चलते इसे फिर बंद करना पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों ने रखी 7 मांगें

  • सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करें मामले की जांच।
  • जांच के लिए जो कमेटी बने उसमें ST और गैर आदिवासी शामिल किए जाएं।
  • सिलगेर से पुलिस कैंप को हटाया जाए।
  • मृतकों की स्मृति में जो स्मारक बनाए गए हैं, वे न तोड़े जाएं।
  • गोलीबारी करने वाले जवानों पर FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।
  • मूलवासी बचाओ समिति पर निगरानी न रखी जाए।
  • कैंप का प्रस्ताव पास करने वाली ग्राम सभा की जांच हो।

कैंप का मामला राज्य और केंद्र सरकार का, प्रस्ताव भेजेंगे

कांग्रेस जांच दल ने कहा कि ग्रामीणों से सकारात्मक बात हुई है। वह भी विकास चाहते हैं। उसको लेकर उनसे प्रस्ताव मांगा गया है। कैंप हटाने की जो मांग है, वह मामला राज्य और केंद्र सरकार को करना है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। राज्य आगे फैसला करेगा। जांच दल के चेयरमैन और बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी। उनके पास जो सबूत हैं, वह पेश करें।

सिलगेर गोलीकांड मामले में स्थानीय ग्रामीण और मृतकों के परिजनों की ओर से CRPF और पुलिस जवानों के खिलाफ एक शिकायत जगरगुंडा थाने में दर्ज करवाई गई है।
सिलगेर गोलीकांड मामले में स्थानीय ग्रामीण और मृतकों के परिजनों की ओर से CRPF और पुलिस जवानों के खिलाफ एक शिकायत जगरगुंडा थाने में दर्ज करवाई गई है।

चर्चा पर दिया जा सकता है ग्रामीणों को लिखित आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल की ओर से बताया गया कि जिन बिंदुओं पर ग्रामीणों से चर्चा की गई है। उस पर अब एक-दो दिन में उनको लिखित आश्वासन दिया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों की कौन-कौन सी मांगों को माना गया है, इस बारे में अभी कुछ नहीं बताया जा रहा। जिस बीजापुर-सुकमा स्टेट हाईवे को खोलने की बात कही जा रही है, वह नक्सलियों के कारण साल 2003-04 के पहले से बंद हैं। अब इस पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन ग्रामीणों के आंदोलन के चलते इसे फिर बंद करना पड़ा है।

ये हैं जांच समिति के सदस्य

दीपक बैज, सांसद, बस्तर अध्यक्ष
लखेश्वर बघेल, विधायक, बस्तर और बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सदस्य
संतराम नेताम, विधायक, केशकाल और बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सदस्य
देवती कर्मा, विधायक, दंतेवाड़ा सदस्य
शिशुपाल सोरी, विधायक, कांकेर और संसदीय सचिव सदस्य
अनूप नाग, विधायक, अंतागढ़ सदस्य
विक्रम मंडावी, विधायक, बीजापुर और बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सदस्य
राजमन बेंजाम, विधायक, चित्रकोट सदस्य
चंदन कश्यप, विधायक, नारायणपुर और छत्तीसगढ़ हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष सदस्य

गोली चलाने वाले जवानों के खिलाफ जगरगुंडा थाने में शिकायत दर्ज

वहीं सिलगेर गोलीकांड मामले में स्थानीय ग्रामीण और मृतकों के परिजनों की ओर से CRPF और पुलिस जवानों के खिलाफ एक शिकायत जगरगुंडा थाने में दर्ज करवाई गई है। बताया जा रहा है कि 24 मई को ग्रामीण जगरगुंडा थाना पहुंचे थे और आवेदन के जरिए दोषी सुरक्षाबलों के जवानों के खिलाफ आवेदन दिया। पहले तो पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद मौके पर जब सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे, तब काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आवेदन की सर्टिफाइड कॉपी की पावती ग्रामीणों को दी।

सिलगेर में कैंप के विरोध की आग, …फायरिंग, भगदड़ और मौत

बीजापुर-सुकमा बार्डर पर स्थित सिलगेर में कैंप खुलने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण करीब 20 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच 17 मई को इस विरोध के दौरान फायरिंग हुई। गोली लगने से नाबालिग सहित तीन लोगों की मौत हुई। पहले उन्हें नक्सली बताया गया, फिर ग्रामीण होने की पुष्टि हुई। इस दौरान मची भगदड़ में घायल एक गर्भवती महिला ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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