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जूडा प्रदेशाध्यक्ष बोले- टकराव खत्म करिए, बातचीत को तैयार; मंत्री सारंग ने कहा- 3 साल का स्टायपेंड एक साथ बढ़ा देंगे, कोर्ट के सम्मान में लौटिए

भोपाल
  • प्रदेश में जूडा की लगातार 7 दिनों से जारी है हड़ताल।
  • शाम 4 बजे मंत्री से मिलने जाएंगे जूनियर डॉक्टर

मध्यप्रदेश में 5 से अधिक मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल में सुलह के संकेत मिल रहे हैं। दोनों पक्ष नरम पड़े हैं। रविवार सुबह जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) की तरफ से सरकार को बातचीत कर मामले का हल निकालने के लिए वीडियो जारी कर अनुरोध किया गया था। इस पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूडा को हाईकोर्ट का सम्मान कर हड़ताल वापस लेना चाहिए। उन्होंने मांगों को लेकर भी अपनी बात कही है। वहीं, जबलपुर हाई कोर्ट में जूडा के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है। इसमें कहा कहा है कि कोर्ट ने हड़ताल अवैध घोषित कर दी थी, इसके बाद भी डॉक्टर वापस काम पर नहीं लौटे हैं।

हालांकि इस बीच गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में जूनियर डॉक्टरों ने सरकार को कोरोना वारियर्स का सम्मान वापस लौटना का प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट द्वारा हड़ताल अवैध बताने के बाद सरकार ने जिस तरह से मेडिकल स्टूडेंट़्स को बर्खास्त किया है, इससे तल्खी बढ़ गई थी। विरोध में इस्तीफे दिए गए तो वह भी सरकार ने स्वीकार लिए। अंंतत: जूडा ने बीच का रास्ता निकालने के संकेत दिए हैं।

मध्य प्रदेश जूडा पदाधिकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने शाम 4 बजे उनके निवास पर जाएंगे। जूडा की तरफ से बताया गया कि हमें आधिकारिक तौर पर किसी ने मिलने नहीं बुलाया। हम मरीजों के हित को ध्यान देते हुए और कोर्ट का सम्मान करते हुए आज शाम 4 बजे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने जा रहे है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूडा से हमने लगातार बातचीत की है। हमारी सरकार संवाद स्थापित करने वाली है। जूनियर डॉक्टरों का स्टाॅयपेंड 3 साल से नहीं बढ़ा था। हमने एक साथ बढ़ाने का निर्णय लिया है। हर साल 6 प्रतिशत का इजाफा किया है। डॉक्टरों की मांग थी कि कोरोना के समय उनका निशुल्क इलाज हो। हमने परिवार को निशुल्क इलाज देने का बोला। सरकार ने दरियादिली दिखाते हुए मांगों को माना है। सुरक्षा के लिए हर जगह पुलिस चौकी की स्थापना करने के लिए कहा दिया। जूडा को हाई कोर्ट के निर्देश अनुसार हड़ताल वापस लेना चाहिए। मरीजों का हित हम सभी के लिए सर्वोपरि है। कांग्रेस के नेता जूडा के मामले में राजनीति कर रहे है।

हमें उम्मीद है कि हमारे युवा साथी बात मानेंगे। होई कोर्ट के निर्देशों केे अनुसार हड़ताल वापस लें। जूडा से कहना चाहता हूं कि वह हड़ताल वापस लें। उनकी बात सरकार ने मानी है। सरकार ने उनको सम्मान रखा है। अब सभी को हाईकोर्ट का सभी सम्मान रखना चाहिए।

मध्य प्रदेश जूडा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि प्रदेश में पिछले 6 दिनों से जूडा का आंदोलन चल रहा है। जिसमें हमारा अनुरोध है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री जूडा से किए वादे पूरे करें। प्रदेश का पूरा जूडा एसोसिएशन मामले का हल बातचीत से निकालने के लिए भोपाल में उपस्थित है, लेकिन अब तक हमें कहीं से भी कोई आधिकारिक बुलावा नहीं आया है। जूडा परेशान होने के साथ ही मरीजों के लिए चिंतित भी है। हमारा मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री से अनुरोध है कि जूडा से मिले और जल्द से जल्द गतिरोध खत्म करें। ताकि जूडा मरीजों के हित में आंदोलन को खत्म कर जल्द से जल्द काम पर लौटे।

कब क्या हुआ

  • 31 मई से जूडा एसोसिएशन अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चला गया था।
  • गुरुवार को हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टरों की मांगों को अवैध करार देकर 24 घंटे में वापस लेने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर सरकार को कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
  • इस आदेश के तुरंत बाद सरकार के निर्देश पर जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज के 468 पीजी फाइनल ईयर के छात्रों के नामांकन रद्द कर दिए। इसके बाद अब यह छात्र परीक्षा देने के लिए योग्य नहीं रहे।
  • इस बात से नाराज प्रदेश भर के करीब 2500 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देना शुरू कर दिया।
  • शुक्रवार को सरकार ने कोर्ट का 24 घंटे का समय पूरा होने पर कोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्रवाई करने को कहा।
  • शुक्रवार को जीएमसी डीन ने हड़ताल पर जाने वाले 28 डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने और सीट छोड़ने पर बांड की शर्तों के अनुसार पैसा जमा करने के लिए लिखा।
  • शनिवार को जूनियर डॉक्टर ने हॉस्टल खाली कर एडमिन ब्लॉक के बाहर सामान रख कर प्रदर्शन किया। एप्रन में खून लगाकर टांगा। रक्त दान किया और दूसरी जगह कोरोना वॉरियर्स के सर्टिफिकेट भी लौटाए।
  • चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि जूडा को हड़ताल समाप्त करना चाहिए। हमारे द्वार बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं।
  • शनिवार को ग्वालियर में भी हड़ताल का समर्थन करने वाले 46 सीनियर डॉक्टरों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए।
  • मेडिकल कॉलेज के डीन ने इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी किए। इसमें सीट छोड़ने के एवज में बांड भरने के साथ ही हॉस्टल खाली करने के नोटिस भेजा।

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