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फर्जी शॉपिंग वेबसाइट के जरिए पीड़ितों को बनाया निशाना:तीन साल में 10 हजार से ज्यादा लोगों को लगाई 25 करोड़ की चपत, आरोपियों में दो ग्रेजुएट भी

नई दिल्ली

फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए ठगी करने वाले एक गैंग में शामिल पांच लोग अरेस्ट किए गए हैं। बीते तीन साल में यह गैंग दस हजार से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना उनसे करीब पच्चीस करोड़ रुपए ऐंठ चुका है। ये लोग ऑनलाइन आर्डर के बाद पेयमेंट लेकर सामान पीड़ित तक नहीं पहुंचाते थे। आरोपियों की पहचान पश्चिम विहार निवासी विजय अरोड़ा (37), निलौठी एक्सटेंशन निवासी मनमीत सिंह (29), बिजवासन निवासी राजकुमार (30), रानी बाग निवासी प्रदीप कुमार और निलौठी एक्सटेंशन निवासी अवतार सिंह (32) के तौर पर हुई।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक साइबर को बड़ी संख्या में लोगों के ठगे जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसमें बताया गया उन्होंने वेबसाइट देख टेबलेट खरीदने के लिए आर्डर किया था, जिसके बदले एडवांस पेयमेंट के तौर पर उनसे 3,699 रुपए या 3,999 रुपए लिए गए। हालांकि, वह सामान उन्हें डिलीवर नहीं किया गया और ना ही रकम ही वापस मिली।

इन शिकायतों पर पुलिस ने वेबसाइट को जांच के दायरे में ले लिया। उसकी स्कैनिंग करने पर वेबसाइट के खिलाफ ओर शिकायतें सामने आई। शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि इस वेबसाइट को ठगी के इरादे से ही तैयार किया गया था। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया। पुलिस ने आरोपी विजय अरोड़ा को पकड़ लिया, जिसके ऑफिस से कुछ सामान भी बरामद किया गया।

आरोपी करीब 30 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट चला रहे थे
पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच गई। इनमें मुख्य आरोपी विजय है, जिसने मेरठ से होटल मैनेजमेंट में स्नातक कर रखी है। एचएम करने के बाद उसने लखनऊ में करीब दस महीने पंच सितारा होटल में काम भी किया। इसके बाद उसने अपनी कंपनी खोल ली, जो कई ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के लिए कोरियर के तौर पर काम करती थी। यहीं से उसके पास फर्जी शॉपिंग वेबसाइट बना लोगों को ठगने का आइडिया आया।

उसने साठ से ज्यादा फर्जी वेबसाइट बनायी। जिनके जरिए इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल फोन, टेबलेट या कपड़े जींस, टीशर्ट आदि बेचने का ऑफर दिया जाता था। जो कोई भी इन वेबसाइट को देख जाल में फंसता वे पेमेंट हासिल करने के बाद सामान ग्राहक तक नहीं पहुंचाते थे। आरोपियों में प्रदीप उर्फ साहिल ऑनलाइन कैंपेन मैनेजर की भूमिका में था।

वह अभी तक विजय के लिए करीब तीस वेबसाइट बना चुका था। प्रदीप को इस काम के बदले कमीशन के तौर पर पेयमेंट मिलती थी। मसलन, मोबाइल या टेबलेट खरीदने के बदले प्रति पीड़ित ढाई सौ रुपए तय थे। प्रदीप ने कर्नाटक से बीटेक कर रखी है और उसे लेटेस्ट टेक्नालॉजी का अच्छा ज्ञान है। आरोपियों द्वारा तैयार की गई वेबसाइट में bookmytab, the ripped jeans, dailyposhak, naridukan, slimfitcollection, bookamobile आदि शामिल हैं।

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