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श्रीमती भारती प्रधान बस्तर, जगदलपुर की जिला शिक्षा अधिकारी है ? या किसी गाँव की अनपढ़ पंच समझ से परे?

बस्तर/रायपुर

खबर 30 दिन-एक्सक्लुसिव

-अब्दुल सलाम क़ादरी

  • छत्तीसगढ़ में सूचना का अधिकार लागू हुए 15 साल हो गया पर आज तक किसी जन सूचना अधिकारी को सूचना का ज्ञान ही नही है-छत्तीसगढ़ सरकार के लिए ये बेहद गम्भीर विषय है।

रायपुर/बस्तर

विदित हो कि दुर्ग निवासी RTI/पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता श्री करीम खान, के द्वारा बस्तर जिले में चल रहे मध्यान भोजन की वित्तीय स्थिति अर्थात शासन की आबंटित राशि पूरी खर्च होती है या नही ये जानने के लिए दिनांक 03.08.2021 को जिला शिक्षा अधिकारी (बस्तर) जगदलपुर में आरटीआई आवेदन पेश किया कि मध्यान भोजन योजना का वर्ष 2018-19, 2019-20 में वित्तीय प्रगति अर्थात इन वर्षों में ओपनिंग बैलेंस, सेंक्शन बजट, जारी बजट, खर्च राशि एवं शेष राशि क्या थी बताई जाए।

इस आवेदन में *श्रीमती भारती प्रधान* बस्तर, जगदलपुर की जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक 4980/म.भो./सू.का.अधि./2021- 21 जगदलपुर दिनांक 31.08.2021 में लिखा कि आपके द्वारा चाही गई सूचना/जानकारी किसी लोक हित से संबंधित नही रखता है साथ ही चाही गई वांछित जानकारी व्यक्तिगत सूचना से संबंधित है, इसलिए इन नियमों के अनुसार जानकारी/दस्तावेज देना संभव नही है।

समझ से परे है कि एक जिला अधिकारी जानकारी देने में क्यों आनाकानी कर रहें हैं? क्या किसी बड़े घोटाले पर पर्दा डालने का कार्य तो नही?

  • जो लोक सूचना अधिकारी अगर ईमानदार होगा वो किसी भी कीमत में जानकारी देने में मना नही करेगा या इधर उधर की उलूल जुलुल जवाब नही देगा।

क्योंकि यही आवेदन छत्तीसगढ़ के सभी 26 शिक्षा जिला में आवेदन किए गए और सभी जिलों से बकायदा जानकारियाँ दी गई पर श्रीमति भारती प्रधान DEO जगदलपुर के जानकारी न देने के पीछे की मंशा समझने की कोशिश की गई तो बस्तर के भ्रष्टाचार के चर्चे व आए दिन अखबारों में छपने वालों खबरों की याद आई तब समझ आया कि *मैडम भारती प्रधान* जिला शिक्षा अधिकारी ने कहीं वही तो नही किया, जिसके डर से भ्रष्टाचार का खुलासा न हो ये सोच कर ही उन्होंने तृतीय पक्ष की जानकारी बताते हुवे बहाना किया।

मैं माननीय दाऊ भूपेश बघेल जी से निवेदन कुरुंगा की वो ऐसे अनपढ़ जैसे कार्यवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल हटाने की कार्यवाही करें या सूचना के अधिकार अधिनियम को ही छत्तीसगढ़ से समाप्त कर दें।

 

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