July 3, 2026 12:09 am

शराब दुकानों पर मनमानी के आरोप, एमआरपी से अधिक वसूली और बिना बिल बिक्री से उपभोक्ता परेशान

रेट लिस्ट गायब, देर रात तक बिक्री जारी रहने की शिकायत, स्टॉक सत्यापन और आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग

शहडोल। जिले में संचालित शराब दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शहर की अधिकांश शराब दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने, बिना बिल शराब बेचने, रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं करने तथा निर्धारित समय के बाद भी बिक्री जारी रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि शहर की कई शराब दुकानों पर ग्राहकों से एमआरपी से 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक राशि वसूली जा रही है। जब ग्राहक अतिरिक्त राशि का विरोध करते हैं तो कर्मचारियों द्वारा ठेका महंगा होने का हवाला देकर अधिक कीमत लेना उचित बताया जाता है, जबकि आबकारी नियमों के तहत एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

रेट लिस्ट नहीं, उपभोक्ताओं से मनमाने दाम

ग्राहकों का आरोप है कि कई दुकानों पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाने वाली रेट लिस्ट तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को वास्तविक कीमत की जानकारी नहीं मिल पाती और उनसे मनमाने दाम वसूले जाते हैं। शिकायतों के बावजूद अब तक किसी प्रभावी कार्रवाई के अभाव में लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

बिना बिल बिक्री से पारदर्शिता पर सवाल

उपभोक्ताओं का कहना है कि शराब खरीदने के बाद उन्हें बिक्री की रसीद या बिल उपलब्ध नहीं कराया जाता। बिल मांगने पर कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग बहाने बनाए जाते हैं। इससे बिक्री प्रक्रिया की पारदर्शिता के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

देर रात तक जारी रहती है बिक्री

स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कुछ शराब दुकानों पर बिक्री जारी रहती है। नागरिकों का कहना है कि इससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आबकारी विभाग से नियमित निरीक्षण कर निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।

प्रचार बोर्ड लगे, स्टॉक सत्यापन की उठी मांग

जानकारों का कहना है कि कुछ दुकानों पर शराब के प्रचार-प्रसार से जुड़े बोर्ड लगाए गए हैं, जबकि बिक्री के दौरान ग्राहकों को बिल तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। नागरिकों ने जिले की सभी शराब दुकानों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने, बिलिंग व्यवस्था की जांच करने तथा भुगतान केवल अधिकृत खातों के माध्यम से लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

लगातार मिल रही शिकायतों के बीच नागरिकों ने आबकारी विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि सभी शराब दुकानों पर एमआरपी के अनुसार ही बिक्री हो, रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, प्रत्येक बिक्री पर बिल दिया जाए और निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए।

इनका कहना है
संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन मैडम ने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

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