बिहार। नवगछिया पुलिस लाइन में तैनात और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में लेखापाल की जिम्मेदारी संभाल रहे सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) योगेश कुमार साह की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है।
मृतक दरोगा के पिता रामकृष्ण साह के लिखित आवेदन पर नवगछिया थाने में बहू गुड़िया कुमारी और उनके मायके वालों के खिलाफ सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करवाने के गंभीर आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कांड संख्या 436/26 दर्ज कर मामले की सघन तफ्तीश शुरू कर दी है।
पिता का आरोप- खुला था दरवाजा, पैर चौकी से सटा था
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 24 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे पिता रामकृष्ण साह को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आई, जिसमें उनके बेटे योगेश की मौत की सूचना दी गई। खबर मिलते ही जब परिजन आनन-फानन में नवगछिया पुलिस लाइन स्थित उनके सरकारी कमरे पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए।
पिता का आरोप है कि कमरे का दरवाजा पहले से खुला हुआ था। योगेश का शव फंदे पर था, लेकिन उसका पैर नीचे चौकी से सटा हुआ और मुड़ा हुआ था। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर दबाव बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर साक्ष्य मिटाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया।
प्रेम विवाह के बाद तनाव, ससुर और ससुरालियों पर साजिश का आरोप
पिता रामकृष्ण साह ने अपनी बहू गुड़िया कुमारी और उसके पिता बमबम राय (निवासी: सीत मकंदपुर, थाना अकबरनगर, जिला भागलपुर) सहित ससुराल पक्ष पर साजिश का खुला आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि योगेश और गुड़िया ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही गुड़िया लगातार योगेश पर अनुचित दबाव बनाती थी और घरेलू कलह करती थी।
पीड़ित पिता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और जांच रिपोर्ट सीधे सक्षम न्यायालय में सौंपने की गुहार लगाई है। इससे पहले मृतक की मां उर्वशी देवी ने भी बहू पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि बहू आए दिन विवाद और मानसिक प्रताड़ना देती थी, जिससे तंग आकर योगेश गहरे तनाव में थे।
घटना से ठीक एक दिन पहले पटना लौटी थी पत्नी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक दरोगा की पत्नी गुड़िया कुमारी दुर्गापूजा के दौरान छुट्टी लेकर नवगछिया आई थीं। इस दौरान दोनों ने साथ में पूजा पंडालों का भ्रमण भी किया था। हालांकि, 24 अक्टूबर की सुबह योगेश का शव मिलने से ठीक एक दिन पहले वह नवगछिया से पटना के लिए रवाना हो गई थीं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि पिता के आवेदन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले के हर पहलू की सूक्ष्मता से पड़ताल कर रही है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का मिलान किया जा रहा है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पर्दाफाश हो सके।









