- बिहारपुर वन परिक्षेत्र में लाखों का घोटाला!
- फर्जी वाउचर बनाकर सरकारी धन की निकासी का मामला, तत्कालीन रेंजर लवकुश पांडे के कार्यकाल की मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग
बिहारपुर। बिहारपुर वन परिक्षेत्र में कैम्पा (CAMPA) और रेगुलर मद के तहत कराए गए कार्यों में लाखों रुपये के घोटाले का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फर्जी वाउचर, प्लांटेशन कार्यों, मजदूरी भुगतान और नर्सरी में पौधों से संबंधित खर्चों की जांच की मांग करते हुए पत्रकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अब्दुल सलाम कादरी ने मुख्यमंत्री से तत्कालीन रेंजर लवकुश पांडे के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सरकारी धन का हिसाब सार्वजनिक हो—कागजों में खर्च और जमीन पर काम की हो पड़ताल
बिहारपुर वन परिक्षेत्र में कैम्पा और रेगुलर मद के तहत कराए गए समस्त कार्यों की कार्यवार जांच कराई जानी चाहिए। किन कार्यों के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया, किन फर्मों या व्यक्तियों को भुगतान मिला और उन कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है—इन सभी सवालों का जवाब दस्तावेजों और स्थल निरीक्षण से सामने आना चाहिए।
प्लांटेशन, मजदूरी और नर्सरी के खर्च की जांच जरूरी
प्लांटेशन के नाम पर लगाए गए पौधों की संख्या, उनकी खरीदी, परिवहन, रोपण और रखरखाव पर हुए खर्च का सत्यापन किया जाना चाहिए। मजदूरी भुगतान में मस्टररोल, श्रमिकों की उपस्थिति और भुगतान अभिलेखों का मिलान हो। नर्सरी में पौधों के उत्पादन, खरीदी, वितरण तथा संबंधित बिल-वाउचर की भी जांच की जाए।
मुख्यमंत्री से सीधी मांग—जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
पत्रकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अब्दुल सलाम कादरी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तत्कालीन रेंजर लवकुश पांडे के कार्यकाल में हुए सभी कार्यों का विशेष ऑडिट कराया जाए। जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराकर वित्तीय अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जाए। फर्जी वाउचर या गलत भुगतान की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए।
बड़ा सवाल: वन विभाग के बजट से खर्च हुई लाखों की रकम का वास्तविक हिसाब क्या है? बिहारपुर वन परिक्षेत्र के निर्माण कार्यों, भुगतान और अभिलेखों की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि सरकारी धन कहां खर्च हुआ और अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है?
रिपोर्ट: अब्दुल सलाम कादरी
पत्रकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट









