May 30, 2026 4:22 pm

1600 करोड़ में जो बीहड़ समतल सरकार नहीं कर सकी, वो दबंगों ने कर दिखाया, मूकदर्शक बना रहा प्रशासन

मुरैना। बीहड़ों को समतलन करने के लिए सरकार कभी बीहड़ समतलीकरण योजना लाई, जो बुरी तरह फेल हुई। लेकिन इन बीहड़ों को प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने समतल करके दिखा दिया है।

मुरैना से लेकर श्योपुर जिले तक हजारों हेक्टेयर बीहड़ समतल होकर उन खेतों में बारिश के सीजन में खेती होती है। मुरैना में चंबल, क्वारी व आसन नदी किनारे बीहड़ों के बीच बने खेतों में सरसों की फसल हो रही है। इन अवैध जमीनों पर बिजली कंपनी बोर व कुओं के लिए बिजली के कनेक्शन दे रही है।

चंबल व क्वारी नदी के बीहड़ों में दबंग और भू माफिया तेजी से पांव पसार रहे हैं। बीहड़ों को जोतकर उनमें खेत बनाए जा रहे हैं। अंबाह के बीलपुर, कुथियाना, लखुआ, किसरौली, मुरैना के नदुआपुरा, भानपुर, बरवासिन, केंथरी, कैमारा, जौरा-बागचीन के सावदा, भराना, देवगढ़, खाण्डोली, पंचमपुरा, सबलढ़ में अटार, रहूगांव, बटेश्वरा आदि गांवों में बीहड़ समतल करके खेत हो गए हैं, जिनमें सरसों, गेहूं आदि की फसलें हो रही हैं। हर साल यह अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

उधर श्योपुर जिले में वीरपुर से लेकर ढोढर, रघुनाथपुर, सामरसा तक बीहड़ों में अतिक्रमण हो गया है। गौरतलब है कि मप्र सरकार ने साल 2016 में 1.62 लाख हेक्टेयर बीहड़ों को समतल कर खेती लायक जमीन बनाने के लिए बीहड़ भूमि उपचार योजना बनाई, जिसका बजट 1100 से बढ़कर 1600 करोड़ तक पहुंचा, लेकिन बीहड़ समतल नहीं हो सके। शहरी क्षेत्र में किसी अवैध कालोनी में बिजली कंपनी कनेक्शन नहीं देती, लेकिन बीहड़ों में सरकारी जमीन पर बने खेतों में बिजली कंपनी न सिर्फ बिजली नेटवर्क खड़ा कर रही है, बल्कि दबंग-भूमाफियाओं को बिजली कनेक्शन भी दे रही है।

बीहड़ों में बनने वाला बीज फार्म हाउस भी फेल

बीहड़ों को समतल करके उनमें उन्नत किस्म में तिलहनी बीजों की खेती करने के लिए राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) द्वारा 100 करोड़ रुपये खर्च कर बीज फार्म हाउस विकसित करने की येाजना पांच साल पहले स्वीकृत हुई। लेकिन बीहड़ों को समतल करने का खर्चा इतना मोटा रहा, कि यह प्रोजेक्ट की खटाई में चला गया है। बीज फार्म हाउस के लिए 1105 हेक्टेयर बीहड़ एनएससी को आवंटित किए गए है। एनएससी ने 2023 में बीहड़ों को समतल करने का काम शुरू किया।

इसके तहत प्राथमिक चरण में जखौना के पास पांच हेक्टेयर (25 बीघा) बीहड़ समतल करने चुने गए। इन पर सात से आठ लाख रुपये का खर्च आंका गया था। लेकिन पांच हेक्टेयर बीहड़ों को खेत बनाने में 12 लाख रुपये खर्च हो गए, जो अनुमान से डेढ़ गुना थे। इसका असर यह हुआ, कि मार्च 2023 में एनएससी ने बजट की कमी बताकर बीहड़ों के समतलीकरण का काम बंद किया, जो अब तक शुरू नहीं हो सका है।

Khabar 30 Din
Author: Khabar 30 Din

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