July 21, 2026 12:11 pm

“कांग्रेस में बड़ा बदलाव? प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा तेज!”

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में अक्सर गुटबाजी की खबरें सामने आती हैं। गुटबाजी की खबरों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है। जिसके कई तरह के राजनीति मायने निकाले जा रहे हैं। मामला कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं के मुलाकात की है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे के जन्मदिन के मौके पर टीएस सिंहदेव अचानक उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच लंबी चर्चा हुई।

दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच अदावत और दूरियां कम होने लगी हैं। राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के बाद कांग्रेस अब एकजुटता का संदेश आम जनता के बीच दे रही है। हाल ही में मानसून सत्र में भी कांग्रेस ने आपसी सहमति के बाद सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया में शेयर की तस्वीर

टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के मुलाकात की जानकारी खुद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया में शेयर की है। भूपेश बघेल ने लिखा- बेटे चैतन्य (बिट्टू) के जन्मदिन पर भिलाई निवास पर बधाई देने आदरणीय महाराज साहब टीएस सिंहदेव जी का और कांग्रेस के साथियों का आगमन हुआ। एक अग्रज की तरह बाबा साहब का स्नेह सदैव परिवार को मिलता रहा है। हम सबको अच्छा लगा।

मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या?

इस मुलाकात का मुख्य मकसद आम जनता को यह मैसेज देना है कि कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक एकजुट है। कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। टीएस सिंहदेव की राजनीति का तरीका भी अलग है। वह किसी भी मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हैं। सियासत में उनकी छवि एक जेंटलमैन नेता के तौर पर दी जाती है।

प्रदेश अध्यक्ष की रेस में नाम

वहीं, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। दीपक बैज का कार्यकाल पूरा होने के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस टीएस सिंहदेव को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। टीएस सिंहदेव के पास फिलहाल संगठन में कोई पद नहीं है। ऐसे में टीएस सिंहदेव की तरफ से अदावत दूर करने की एक पहल की गई है।

  • भूपेश बघेल के बेटे के जन्मदिन देने आए थे सिंहदेव
  • छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की हैं अटकलें
  • दीपक बैज का पूरा हो चुका है कार्यकाल
  • फूलो देवी नेताम ने भी कांग्रेस नेताओं को दिया था डिनर

राहुल गांधी के दौरे के बाद बदलाव

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की रणनीति में एक और बदलाव देखने को मिला है। वह है आक्रामक राजनीति। राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के बाद कांग्रेस कई मुद्दों पर एकजुट दिखी है। नकटी गांव में अतिक्रमण का मामला हो या फिर विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा। कांग्रेस के सभी बड़े नेता सरकार के खिलाफ आक्रामक और एकजुट नजर आए हैं।

Khabar 30 Din
Author: Khabar 30 Din

विज्ञापन
Advertisement
error: Content is protected !!