July 21, 2026 12:11 pm

सर्पदंश मुआवजा घोटाला: 17.24 करोड़ के बंदरबांट पर बड़ा एक्शन, 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 17 करोड़ 24 लाख रुपये के सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. फर्जी सर्पदंश मामले तैयार कर शासन से करोड़ों रुपये का मुआवजा स्वीकृत कराने और राशि के दुरुपयोग के आरोपों के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है.

मामले में अब तक 14 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितता बरतने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से घोटाले का मुद्दा उठाया. विधानसभा में मामला गूंजने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की और विभिन्न थानों में अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई.

फर्जी सर्पदंश रिपोर्ट का खुलासा

जांच की निगरानी बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह स्वयं कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार, फर्जी सर्पदंश रिपोर्ट तैयार करने, दस्तावेजों में हेरफेर करने, मुआवजा स्वीकृत कराने और राशि के वितरण में शामिल सभी लोगों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है. वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके.

डकार गए 17.24 करोड़ रुपये

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू आंकड़ों में सामने आया है. जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले में पिछले तीन वर्षों में सर्पदंश से केवल 96 मौतें दर्ज हुईं, जबकि अकेले बिलासपुर जिले में 431 मौतें दर्शाकर करीब 17.24 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किए जाने का दावा किया गया. दोनों जिलों के आंकड़ों में भारी अंतर ने पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका को मजबूत किया है.

जांच में जुटी पुलिस

विधानसभा में हुए हंगामे के बाद राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था. फिलहाल पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस बहुचर्चित घोटाले में आगे और बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है.

Khabar 30 Din
Author: Khabar 30 Din

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