June 15, 2026 12:12 am

सिविल अस्पताल जयसिंहनगर में आदेश बेअसर, संलग्नीकरण व्यवस्था पर उठे सवाल

संलग्नीकरण खत्म करने के आदेश के बावजूद व्यवस्था जस की तस, प्रशासनिक पारदर्शिता पर उठे प्रश्न

शहडोल। सिविल अस्पताल जयसिंहनगर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के बावजूद अस्पताल में वर्षों से जारी संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त नहीं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

सीबीएमओ के स्थान पर अन्य अधिकारी के जिम्मे संचालन

जानकरों की माने तो जिले के अधिकांश सिविल अस्पतालों में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी पदस्थ हैं, जबकि जयसिंहनगर में लंबे समय से एक सामान्य चिकित्सक प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर अन्य अस्पतालों की तुलना में यहां अलग व्यवस्था क्यों लागू है।

मुख्य प्रशासनिक पदों पर संलग्न कर्मचारियों की तैनाती

सूत्रों के मुताबिक अस्पताल के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर ऐसे कर्मचारी कार्यरत हैं जो मूल पदस्थापना स्थल से संलग्न होकर यहां सेवाएं दे रहे हैं। आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर बने रहने के कारण जवाबदेही और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि शासन के नियमों के अनुरूप समय-समय पर समीक्षा नहीं की जा रही है।

सीएमएचओ के आदेश का नहीं दिख रहा असर

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 26 मई को जारी आदेश में ब्लॉक स्तर पर सभी संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में स्थिति में कोई विशेष बदलाव दिखाई नहीं देने की बात कही जा रही है।

जांच की उठी मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग मीडिया के माध्यम से की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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