किसी भी वस्तु की चेतनता की पहचान इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति के होने से होती है। अगर किसी वस्तु में ये तीनों नहीं होते हैं, तो उसे जड़ वस्तु कहते हैं और इन तीनों के होने से उसे चेतन वस्तु कहते हैं। मनुष्य में इन तीनों गुणओं के होने से उसे चेतन कहते हैं। मनुष्य के मृत शरीर में इनके न होने से उसे अचेतन अथवा जड़ कहते हैं।
प्रश्न यह उठता है कि जो मनुष्य अभी-अभी इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति कर रहा था और चेतन कहला रहा था, वही मनुष्य इनके न रहने से मृत क्यों घोषित कर दिया गया जबकि वह सशरीर हमारे सामने पड़ा हुआ है? आमतौर पर एक डॉक्टर बोलेगा कि इस शरीर में प्राण नहीं हैं। शास्त्रीय भाषा में, जब तक मानव शरीर में आत्मा रहती है, उसमें चेतनता रहती है। उसमें इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहती है। आत्मा के चले जाने से वही मानव शरीर इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहित हो जाता है, जिसे आमतौर पर मृत कहा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार स्वरूप से आत्मा सच्चिदानन्दमय होती है। सच्चिदानन्द अर्थात सत्+चित्+आनंद। संस्कृत में सत् का अर्थ होता है नित्य जीवन अर्थात् वह जीवन जिसमें मृत्यु नहीं है, चित् का अर्थ होता है ज्ञान जिसमें कुछ भी अज्ञान नहीं है और आनंद का अर्थ होता है नित्य सुख जिसमें दुःख का आभास मात्र नहीं है। यही कारण है कि कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, कोई मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और कोई भी किसी भी प्रकार का दुःख नहीं चाहता।
अब नित्य जीवन, नित्य आनंद, नित्य ज्ञान कहां से मिलेगा? जैसे सोना पाने के लिए सुनार के पास जाना पड़ता है, लोहा पाने के लिए लोहार के पास, इसी प्रकार नित्य जीवन-ज्ञान-आनंद पाने के लिए भगवान के पास जाना पड़ेगा क्योंकि एकमात्र वही हैं जिनके पास ये तीनों वस्तुएं असीम मात्रा में हैं। प्रश्न हो सकता है कि बताओ भगवान मिलेंगे कहां? ये भी एक बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है। कोई कहता है भगवान कण-कण में हैं, कोई कहता है कि भगवान मंदिर में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो हृदय में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो पर्वत की गुफा में, नदी में, प्रकृति में वगैरह।
वैसे जिस व्यक्ति के बारे में पता करना हो कि वह कहां रहता है, अगर वह स्वयं ही अपना पता बताए तो उससे बेहतर उत्तर कोई नहीं हो सकता। उक्त प्रश्न के उत्तर में भगवान कहते हैं कि मैं वहीं रहता हूं, जहां मेरा शुद्ध भक्त होता है। चूंकि हम सब के मूल में जो तीन इच्छाएं- नित्य जीवन, नित्य ज्ञान व नित्य आनंद हैं, वे केवल भगवान ही पूरी कर सकते हैं, कोई और नहीं। इसलिए हमें उन तक पहुंचने की चेष्टा तो करनी ही चाहिए।
भगवान स्वयं बता रहे हैं कि वह अपने शुद्ध भक्त के पास रहते हैं। अतः हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए और तुरंत ऐसे भक्त की खोज करनी चाहिए जिसके पास जाने से, जिसकी बात मानने से हमें भगवद्प्राप्ति का मार्ग मिल जाए। साथ ही हमें यह सावधानी भी बरतनी चाहिए कि कहीं वह भगवद्-भक्त के वेश में ढोंगी न हो। स्कंद पुराण के अनुसार भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि कलियुग में ऐसे गुरु बहुत मिलेंगे जो शिष्य का सब कुछ हर लेते हैं, परंतु शिष्य का संताप हर कर उसे सद्माीर्ग पर ले आए ऐसा गुरु विरला ही मिलेगा।
लेटेस्ट न्यूज़
सर्पदंश मुआवजा घोटाला: 17.24 करोड़ के बंदरबांट पर बड़ा एक्शन, 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
July 20, 2026
9:52 pm
सात माह बाद भी नहीं मिला अंश का सुराग, जांच पर उठ रहे सवाल
June 15, 2026
2:18 pm
अकेले रह रहे रिटायर्ड बैंककर्मी बुजुर्ग की हुई संदिग्ध मौत
June 3, 2026
1:47 pm
दोस्त को लहूलुहान कर युवती से की दरिंदगी की कोशिश, तड़प-तड़प कर अस्पताल में तोड़ा दम
May 21, 2026
1:14 pm

इस तरह के भक्तों के पास रहते हैं भगवान
विज्ञापन

तो क्या एथेनॉल से चीनी का रेट आसमान पर है? आम आदमी की थाली पर महंगाई की दोहरी मार
August 21, 2026
No Comments
Read More »

मंत्री बोले- जिले में कोई झोलाछाप नहीं, विभाग का आदेश- पहचान कर कार्रवाई करो
August 20, 2026
No Comments
Read More »

054 नंबर बना चर्चा का केंद्र, कथित डिजिटल सट्टे के नेटवर्क पर सवाल
August 16, 2026
No Comments
Read More »


मनेन्द्रगढ़ वन मण्डल में जांच पर सवाल: क्या “मौखिक आदेश” के आगे बेबस हो गया सिस्टम?
July 23, 2026
No Comments
Read More »

राज्य के इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट, 5 दिनों तक होगी झमाझम बारिश
July 20, 2026
No Comments
Read More »
This error message is only visible to WordPress admins
Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..
Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded
Error: No videos found.
Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.
Advertisement
यूपीआई पेमेंट सर्विस में फोनपे और गूगल पे का दबदबा कम करने की तैयारी https://t.co/4YkoqEASUF
— Abdul salam Quadri Journalist (@Abdul_salam_Qdr) February 16, 2024


