नई दिल्ली। भाजपा से भिड़ने के लिए तमाम विपक्षी दलों ने एक इंडिया महागठबंधन का गठन किया था। इसमें शामिल दलों का दावा था कि एनडीए से मुकाबले के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा। तभी हम लोकतंत्र और संविधान की रक्षा कर पाएंगे। ये तमाम वादे और दावे उस वक्त धरे रहे गए जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेतृत्व पर सवाल उठा दिए। फिर क्या था एक के बाद एक कई दलों ने हाथ झटका और इंडिया गठबंधन को ठेंगा दिखा दिया।
सबसे पहले बंगाल की सीएम और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती दी। फिर एक-एक कर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी नेता शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने ममता बनर्जी के नेतृत्व करने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ममता बनर्जी की तरह अपना दुश्मन ही मान लिया है। अब तो लालू यादव के पुत्र और बिहार में महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने इंडिया ब्लॉक को सिर्फ लोकसभा चुनाव तक के लिए की गई व्यवस्था बता कर इसके खात्मे की ही मुनादी कर दी है। इंडिया ब्लॉक में बिखराव का बीजारोपण सबसे पहले ममता बनर्जी ने किया था। देश भर में विपक्षी पार्टियों ने इंडिया ब्लॉक के बैनर तले उम्मीदवार उतारे, लेकिन बंगाल में ममता बनर्जी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों को भाजपा की तरह ही दुश्मन बता कर दूरी बना ली। टीएमसी, कांग्रेस और वाम दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे। ममता ने यह साबित भी कर दिया कि बंगाल में भाजपा से टक्कर लेने के लिए वे अकेले ही काफी हैं। टीएमसी संसदीय चुनाव में 22 सीटें जीत कर लोकसभा में चौथी बड़ी पार्टी बन गई। इंडिया ब्लाक में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद टीएमसी तीसरी बड़ी पार्टी है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने 18 जनवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। उसी दिन राहुल गांधी भी पटना आ रहे हैं। वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शायद तेजस्वी को कांग्रेस के इरादे की जानकारी मिल गई है कि सीटों पर वह अड़ सकती है। कांग्रेस को अपनी छवि भी दुरुस्त करनी है कि वह आरजेडी की पिछलग्गू नहीं है। यह सच भी है कि आरजेडी के सहारे कांग्रेस बिहार में 1990 के बाद से ही रही है। राहुल गांधी सीटों को लेकर मुंह न फाड़ें, इसलिए तेजस्वी ने अपने बयान से उनकी बोलती बंद करने की कोशिश की है।
देश में 2019 से ही भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने का प्रयास होता रहा है। पहली बार 2019 में आंध्र प्रदेश के सीएम और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नेता चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की पहल की थी। तब वे एनडीए से बाहर थे। दूसरी बार 2021 में बंगाल फतह करने के बाद ममता बनर्जी ने प्रयास किया। निराशा हाथ लगने पर दोनों ने मौन धारण कर लिया था। तीसरा प्रयास महागठबंधन में रहते बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने किया। उन्हें सफलता जरूर मिली, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले ही उन्होंने अपनी राह अलग कर ली। उन्होंने फिर से भाजपा के साथ जाना पसंद किया। बची कसर जनता ने पूरी कर दी, जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ बहुमत से दूर रह गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को भाव नहीं दिया। हरियाणा में तालमेल को लेकर कांग्रेस के रुख से आहत आप ने बिना किसी से तालमेल किए सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। बिहार में भी आरजेडी पिछली बार की तरह कांग्रेस को तवज्जो देने के मूड में नहीं है। 2020 में आरजेडी से 70 सीटें कांग्रेस ने ले ली थीं, लेकिन जीतीं सिर्फ 19 सीटें। तेजस्वी यादव और लालू यादव को अब तक इस बात का मलाल है कि कांग्रेस को उतनी सीटें नहीं मिली होतीं तो तेजस्वी ही शायद सीएम होते। दर्जन भर सीटों की कमी से तेजस्वी चूक गए थे।
लेटेस्ट न्यूज़
अकेले रह रहे रिटायर्ड बैंककर्मी बुजुर्ग की हुई संदिग्ध मौत
June 3, 2026
1:47 pm
दोस्त को लहूलुहान कर युवती से की दरिंदगी की कोशिश, तड़प-तड़प कर अस्पताल में तोड़ा दम
May 21, 2026
1:14 pm
अवैध मादक पदार्थ स्मैक के साथ महिला सहित 4 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
April 19, 2026
8:15 pm
शासकीय वाहन पर एकाधिकार का आरोप, पुलिस कार्रवाई प्रभावित
April 19, 2026
8:02 pm

इंडिया गठबंधन की दम पर भाजपा से पंजा लड़ाने वालों ने कांग्रेस को दे दिया झटका
विज्ञापन

अकेले रहने वाले रिटायर्ड बैंककर्मी की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
June 7, 2026
No Comments
Read More »


अहिल्याबाई होलकर जयंती समारोह में विकास और शिक्षा को मिला नया संबल
June 1, 2026
No Comments
Read More »

आरटीओ चेक पोस्ट धनवार बना अवैध वसूली का अड्डा, रोजाना लाखों की उगाही का आरोप
May 30, 2026
No Comments
Read More »


This error message is only visible to WordPress admins
Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..
Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded
Error: No videos found.
Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.
Advertisement
यूपीआई पेमेंट सर्विस में फोनपे और गूगल पे का दबदबा कम करने की तैयारी https://t.co/4YkoqEASUF
— Abdul salam Quadri Journalist (@Abdul_salam_Qdr) February 16, 2024


