April 20, 2026 5:41 am

शासकीय वाहन पर एकाधिकार का आरोप, पुलिस कार्रवाई प्रभावित

थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध, वाहन की कमी से मौके पर पहुंचने में हो रही देरी

शहडोल। जिले के अंतिम छोर में स्थित सीधी थाना एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। पहले जहां यह थाना क्षेत्र अवैध गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहता है, वहीं अब नए थाना प्रभारी एसआर भगत की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी द्वारा शासकीय वाहन का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। बताया गया है कि वाहन को अधिकतर समय उनके निजी उपयोग में रखा जाता है या फिर अपने कमरे परिसर में खड़ा रहने दिया जाता है। इससे अन्य पुलिसकर्मियों को आवश्यक कार्यों के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता, जिसका सीधा असर पुलिस की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है। जानकरों की माने तो कई बार आपात स्थितियों में घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हो जाती है क्योंकि वाहन उपलब्ध नहीं रहता। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और त्वरित कार्रवाई करने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। क्षेत्र के लोगो का भी मानना है कि इस तरह की स्थिति से आमजन को समय पर पुलिस सहायता मिलने में कठिनाई हो सकती है। गौरतलब है कि सीधी थाना क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में संसाधनों का सही उपयोग और बेहतर प्रबंधन बेहद आवश्यक है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।जानकार यह भी बताते हैं कि टीआई साहब पूर्व में यातायात विभाग में पदस्थ रहने के दौरान भी चर्चा में रह चुके हैं। ऐसे में उनकी कार्यशैली को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं, जो अब एक बार फिर सामने आ रहे हैं। यदि यह सभी आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है बल्कि पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

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