जैतपुर, गोहपारू, ब्यौहारी और जयसिंहनगर में खनन व परिवहन को लेकर उठ रहे सवाल, जांच की उठी मांग
शहडोल। जिले के जैतपुर, ब्यौहारी और जयसिंहनगर थाना क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर लगातार चर्चाएं तेज होती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर रात के समय नदी से रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। विशेष रूप से जैतपुर थाना क्षेत्र के लुकामपुर का नाम इन चर्चाओं में सामने आ रहा है।
संरक्षण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं
अवैध रेत खदानों में यह भी जनचर्चा है कि अवैध रेत कारोबार को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। जैतपुर में साहब, ब्यौहारी में गोल्डी और जयसिंहनगर में एक ड्राइवर की भूमिका को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही हैं। हालांकि इन दावों और चर्चाओं की पुष्टि हम नहीं करते है और संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में उनका पक्ष सुनना चाहा तो फ़ोन नहीं उठा।
राजस्व और पर्यावरण पर असर की चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं नदियों के प्राकृतिक स्वरूप पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। रातभर रेत से लदे वाहनों के आवागमन से सड़कों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
नवागत एसपी से बढ़ी उम्मीदें
जिले में नए पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना के बाद लोगों को उम्मीद है कि अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई होगी। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं। साथ ही जिन थाना क्षेत्रों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएं।
संयुक्त अभियान की जरूरत
जानकारों का मानना है कि यदि पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग समन्वय बनाकर नियमित संयुक्त अभियान चलाएं तो अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन शिकायतों और जनचर्चाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए आगे क्या कार्रवाई करता है।









