दिल्ली के सफदरजंग इलाके से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा (Aman Kumar Sharma) ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना ने न केवल न्यायिक जगत बल्कि आम जनता को भी स्तब्ध कर दिया है।
शुरुआती जांच में मामले के पीछे घरेलू कलह और अत्यधिक मानसिक तनाव की बात कही जा रही है, जबकि मृतक के परिजनों ने उत्पीड़न के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है। अमन ने साल 2021 में दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी और वर्तमान में वह कड़कड़डूमा कोर्ट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस दुखद कदम ने मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवादों के प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाथरूम में मिला फंदे से लटका मिला अमन का शव
अमन कुमार शर्मा का शव उनके घर के बाथरूम में फंदे से लटका हुआ पाया गया। काफी देर तक जब बाथरूम का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर खिड़की के रास्ते अंदर प्रवेश किया गया। अमन को नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता से आखिरी बातचीत, “अब जीना मुश्किल है”
परिजनों ने खुलासा किया कि घटना से कुछ समय पहले अमन ने राजस्थान के अलवर में रहने वाले अपने पिता को फोन किया था। बातचीत के दौरान वह बेहद भावुक और परेशान थे। उन्होंने अपने पिता से कहा था कि वह काफी तकलीफ में हैं और अब उनके लिए आगे जीवन जीना संभव नहीं लग रहा है। बेटे की बातें सुनकर घबराए पिता तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
परिवार ने लगाए पत्नी-IAS साली पर प्रताड़ना के आरोप
अमन कुमार शर्मा की बहन के ससुर ने बताया, “मुझे फोन पर मेरे बेटे ने जानकारी दी कि अमन को सफदरजंग अस्पताल ले जाया जा रहा है। जब तक मैं अस्पताल पहुंचा, डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर चुके थे। पुलिस को दिए गए उनके पिता के बयान के अनुसार, रात करीब 10 बजे अमन ने फोन कर कहा था कि वह बहुत परेशान हैं और अब उनके लिए जीना मुश्किल हो गया है। इसके बाद उनके पिता तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए निकल पड़े और रात करीब 12 बजे यहां पहुंचे। यहां आकर उन्हें पता चला कि अमन का अपनी पत्नी स्वाति से विवाद चल रहा था और वह पिछले दो महीने से परेशान थे। उनकी पत्नी स्वाति न्यायिक अधिकारी हैं और उनकी बहन निधि मलिक, जो जम्मू में आईएएस अधिकारी हैं, अमन के जीवन में दखल दे रही थीं और घर के मामलों को नियंत्रित कर रही थीं।”
उन्होंने आगे बताया, “अमन के पिता के अनुसार, उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर वह यहां से नहीं गए तो वह पुलिस बुला लेंगी। अगली सुबह उन्होंने अपनी बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन ब्लॉक मिला। इसके बाद घर में झगड़ा हुआ और अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए। उनके मुताबिक, स्वाति गुस्से में चिल्ला रही थीं और अमन रो रहे थे। कुछ देर बाद आवाजें बंद हो गईं और उन्होंने सोचा कि मामला शांत हो गया है।”
उन्होंने कहा, “कुछ समय बाद जब उन्होंने जाकर देखा तो स्वाति ने बताया कि उन्हें अमन के बारे में कुछ पता नहीं है। जब उन्होंने अमन के मोबाइल पर कॉल किया तो फोन की घंटी बाथरूम के अंदर से सुनाई दी। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और खोलने को कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान युधवीर और निधि मलिक भी वहां पहुंच गए। सभी ने मिलकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। बाद में पड़ोसियों ने बताया कि शाफ्ट में एक खिड़की है। इसके बाद सीढ़ी लगाई गई और गार्ड शंकर खिड़की तोड़कर अंदर गया, जहां अमन फंदे से लटके मिले। अमन की उम्र 30 साल थी।”
#WATCH | Delhi | Judge dies by suicide in Safdarjung | Father-in-law of Judge Aman Kumar Sharma's sister says, "… I spoke to my son on the call who told me that they are taking Aman to Safdarjung Hospital. By the time I reached the hospital, the doctor had already declared him… https://t.co/NIZzllpQHZ pic.twitter.com/xytKBREpUi
— ANI (@ANI) May 2, 2026
कौन थे अमन शर्मा, क्या करते थे?
अमन कुमार शर्मा एक प्रतिभाशाली अधिकारी थे। उन्होंने पुणे के प्रतिष्ठित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से 2018 में BA LLB की डिग्री हासिल की थी। 19 जून 2021 को वह दिल्ली न्यायिक सेवा का हिस्सा बने। अपने छोटे से करियर में उन्होंने आपराधिक और सिविल दोनों मामलों में अपनी काबिलियत साबित की थी। हाल ही में, 18 अक्टूबर 2025 को उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके तहत वह कड़कड़डूमा कोर्ट में उत्तर-पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यरत थे।
जांच में जुटी पुलिस
दिल्ली पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौके से फिलहाल किसी बड़ी साजिश या बाहरी व्यक्ति के शामिल होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन परिवार के आरोपों को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक समय और कारणों की पुष्टि हो सके। साथ ही, अमन के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी कब्जे में लिया गया है।








