- फर्जी भुगतान कर वसूली के आरोप, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ वन मंडल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जहां एक रिटायर रेंजर पर करोड़ों रुपये के फर्जी बाउचर और मजदूरी भुगतान के नाम पर वसूली करने का आरोप लगा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े आरोपों के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से ठोस जांच नहीं की गई है।
शिकायतों के अनुसार, मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में पदस्थ रहे रेंजर रामसागर कुर्रे पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान फर्जी बाउचर तैयार कर शासन के पैसों का दुरुपयोग किया। मजदूरी भुगतान के नाम पर भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिसमें कथित रूप से फर्जी नामों पर राशि निकालकर बंदरबांट किया गया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल योजनाबद्ध तरीके से लंबे समय तक चलता रहा और लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। इस दौरान मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाया गया, जबकि वास्तविक मजदूरों तक राशि नहीं पहुंची।
हालांकि, इस तरह के मामलों में पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं और कई मामलों में जांच की मांग भी उठी है, लेकिन कार्रवाई का अभाव सवाल खड़े करता है। सरकारी रिकॉर्ड और भुगतान प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर पहले भी विभिन्न जिलों में शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें जांच की जरूरत बताई गई है ।
आरोप:
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के कारण अब तक मामला दबा हुआ है।
प्रशासन पर सवाल:
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने हैं, तो अब तक जांच क्यों नहीं हुई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो रही है, या फिर शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है?
मनेंद्रगढ़ वन मंडल में सामने आए इस कथित घोटाले ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है और क्या वाकई निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाती है या नहीं।
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