February 1, 2026 6:47 pm

ग्राम पंचायत मुदरियाटोला में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं, सचिव पर गंभीर आरोप

संबल योजना, पेंशन और सहायता राशि के बदले अवैध वसूली, सीसीटीवी फुटेज व पंचनामा बने सबूत

शहडोल। जिले के जयसिंहनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मुदरियाटोला में सचिव द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती मीराबाई सिंह एवं उपसरपंच लवकेश महरा ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए पंचायत सचिव रामप्रकाश भुर्तिया पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में खुला भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

संबल योजना में रिश्वतखोरी का आरोप

शिकायत में बताया गया है कि संबल योजना के हितग्राही दिलकरण सिंह की पत्नी रामकली सिंह की मृत्यु के उपरांत शासन द्वारा 2 लाख रुपये की सहायता राशि 17 दिसंबर 2025 को हितग्राही के बैंक खाते में जमा की गई थी। आरोप है कि सचिव ने केवाईसी के बहाने हितग्राही को बैंक बुलवाया और कियोस्क संचालक से सांठगांठ कर 40 हजार रुपये अवैध रूप से निकलवाकर अपने पास रख लिए।शिकायतकर्ताओं का दावा है कि बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में यह पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। बाद में थाना स्तर पर पूछताछ के दौरान सचिव द्वारा अपराध स्वीकार करने तथा 40 हजार रुपये वापस करने का पंचनामा भी तैयार किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अन्य संबल हितग्राहियों से भी सचिव द्वारा अवैध रूप से राशि वसूली गई। आरोपों के अनुसार अगसिया बाई महरा से 20 हजार रुपये, फ्लमतिया से 30 हजार रुपये तथा मुलायम सिंह से 50 हजार रुपये यह कहकर लिए गए कि जनपद पंचायत में पैसा जमा करना पड़ता है।

पेंशन योजनाओं में बड़ी लापरवाही

पेंशन मामलों में भी सचिव की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। विकलांग पेंशन के लिए आवेदन करने वाले बांके सिंह से 2500 रुपये की मांग की गई, जिसमें से 1000 रुपये अग्रिम रूप से ले लिए गए, लेकिन अब तक पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। वहीं वृद्धा पेंशन हितग्राही फगुनी बाई से 500 रुपये लेने के बावजूद नौ माह बीत जाने के बाद भी पेंशन स्वीकृत नहीं की गई।

पंचायत की साख पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की इन गतिविधियों से ग्राम पंचायत की छवि धूमिल हुई है और गरीब व जरूरतमंद हितग्राहियों का शोषण हुआ है। सरपंच और उपसरपंच ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

 

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