केशवाही चौकी प्रभारी की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
प्रतीक मिश्रा
शहडोल। जिले के बुढ़ार थाना अंतर्गत केशवाही चौकी क्षेत्र में कढ़ना नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। ग्राम पंचायत पडारिया के पडारिया घाट, मझौली घाट, सर घाट, हर्री घाट और मंजीरा घाट समेत नदी के कई हिस्सों से दिन-रात रेत निकाले जाने का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया है। बताया जा रहा है कि दर्जनों ट्रैक्टर नियमित रूप से नदी से रेत का परिवहन कर रहे हैं, जिससे कढ़ना नदी के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
एक व्यक्ति के इशारे पर चलता संचालन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कथित अवैध रेत उत्खनन पप्पू नामक व्यक्ति के इशारे पर संचालित किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि रेत कारोबारी खुद को पूरी तरह सुरक्षित मानकर खुलेआम उत्खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही संबंधित लोगों को सूचना मिल जाती है, जिससे वे मौके से फरार हो जाते हैं।
जिम्मेदार ओढ़े बैठे चुप्पी
इतने बड़े पैमाने पर हो रहे कथित अवैध उत्खनन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। विशेष रूप से केशवाही चौकी प्रभारी की निष्क्रियता को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो नदी की प्राकृतिक धारा में परिवर्तन आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कढ़ना नदी को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और चौकी क्षेत्र में नियमित निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन और केशवाही चौकी प्रभारी कब तक इस कथित अवैध रेत कारोबार पर रोक लगाने में सफल होते हैं, या फिर कढ़ना नदी यूं ही रेत माफियाओं के निशाने पर बनी रहेगी।









