खुलेआम बिक रहे नशीले इंजेक्शन, युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर
शहडोल। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार एक बार फिर बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है। नशीले इंजेक्शनों की खुलेआम बिक्री से जहां युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रही है। वहीं पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों और जानकारों की माने तो यह पूरा कारोबार सुनियोजित नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा है। सरगना और उनके गुर्गे शहर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
पुराना कारोबारी फिर हुआ सक्रिय
सूत्रों के मुताबिक मोदी नगर क्षेत्र में असद नामक व्यक्ति इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। आरोप है कि वह अपने परिजनों के साथ मिलकर घर से ही नशीले इंजेक्शनों की बिक्री कर रहा है। एक इंजेक्शन की कीमत 700 से 1000 रुपये तक वसूली जा रही है। गौरतलब है कि नशा मुक्त अभियान के दौरान पुलिस द्वारा पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है, बावजूद इसके कारोबार फिर से शुरू हो जाना कई सवाल खड़े करता है।
शहर में फैला नेटवर्क
जानकारों की मानें तो पिंटू नामक व्यक्ति शांति धाम से किरण टॉकीज क्षेत्र तक नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई कर रहा है। वहीं आशीष नामक युवक कम मात्रा में इंजेक्शन खरीदकर होम डिलीवरी के माध्यम से बिक्री करता है।
इसके अलावा सद्दाम नामक युवक इतवारी मोहल्ला और मुल्ला बुढ़ार चौक क्षेत्र से नेटवर्क संचालित कर रहा है।
नशे की आड़ में लूटपाट
सूत्रों का यह भी कहना है कि नशे के इस कारोबार की आड़ में कुछ युवक नशेड़ियों से लूटपाट कर रहे हैं। बताया गया कि रीवा होटल क्षेत्र के मिंटू, तौसीफ और पुरानी बस्ती निवासी दानिश पर इंजेक्शन दिलाने के नाम पर पैसे लेकर फरार होने के आरोप हैं। कई पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वैभव नामक युवक पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
समाज के लिए गंभीर खतरा
अवैध नशे का यह कारोबार न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि समय रहते यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इसके दुष्परिणाम और भयावह हो सकते हैं।








