कलेक्टर-कमिश्नर व शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाले शहर में विद्यालय में नहीं फहराया गया तिरंगा
प्रतीक मिश्रा
शहडोल। जहां एक ओर संभागीय मुख्यालय में कमिश्नर, कलेक्टर सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निवासरत हैं, वहीं उसी जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक विद्यालय वार्ड क्रमांक 6 पांडवनगर में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

हैरानी की बात यह है कि यह विद्यालय स्थानीय विधायक श्रीमती मनीषा सिंह के वार्ड में स्थित है तथा विधायक निवास से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण न होना प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला मुख्यालय जैसे संवेदनशील और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यालयों में राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन बच्चों में देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने के लिए अनिवार्य है, लेकिन यहां इसका पूर्णतः पालन नहीं किया गया। मामले को लेकर शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि दोषी जिम्मेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
इनका कहना है
मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, निश्चित ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जयसिंहनगर
मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमरनाथ सिंह, डीपीसी
मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
आनंद राय सिन्हा, सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग








