March 18, 2026 11:46 pm

सीवर लाइन में दबे एक मजदूर का शव बरामद, रेस्कयू जारी, एक अन्य मजदूर की तलाश जारी

शहडोल। जिला मुख्यालय में स्थित सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनी गांव में गुरुवार को सीवर लाइन डालने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सीवर की नाली की खुदाई के दौरान दो मजदूर लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी के नीचे दब गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सात घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां एक शव को बाहर निकाला जा सका है और दूसरे मजदूर का कोई सुराग नहीं मिल सका है।


ऐसी घटी घटना

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के माने तो नगर में चल रहे सीवर लाइन प्रोजेक्ट के तहत एक निजी ठेका कंपनी स्नेहल कंस्ट्रक्शन द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी धंस गई और दो मजदूर मलबे में दब गए। बताया गया है कि एक मजदूर कोटमा गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरे की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। वहीं दो जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाया जा रहा है। सात घंटे बाद एक मजदूर को बाहर नहीं निकाला जा सका है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में गहरी बेचैनी है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों ने प्रोजेक्ट में हो रही अनियमितताओं को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि सीवर लाइन प्रोजेक्ट करीब तीन साल से चल रहा है, लेकिन काम धीमी गति और भारी लापरवाही से किया जा रहा है। जिससे आम नागरिक को भारी समस्याओं का सामना करना ओढ़ रहा है।

घटना की सूचना पर लगी भीड़

बता दें कि जैसे ही सूचना लगी कि दो मजदूर गड्ढे में गिर है और मलबा दब गया है तो घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और रेस्क्यू टीम को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। वहीं बताया गया है कि समाचार लिखे जाने तक सात घंटे बीत जाने के बाद भी दबे हुए एक मजदूर को बाहर नहीं निकाला जा सका है। राहत और बचाव कार्य तेज किया जा रहा है। प्रशासन ने जल्द से जल्द मलबा हटाने और शवों को निकालने के निर्देश दिए हैं।

ठेका कंपनी की पृष्ठभूमि

नगर में सीवर लाइन डालने का कार्य मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। लगभग 199 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को गुजरात की स्नेहल कंपनी को सौंपा गया था।
जून 2025 में यह कार्य पूरा होना था, लेकिन समयसीमा खत्म होने के बाद भी एक्सटेंशन देकर कंपनी को काम जारी रखने की अनुमति दे दी गई।

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