March 20, 2026 2:48 pm

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुंगेली के शिक्षक कीर्ति कुमार शर्मा की अपील खारिज की, नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़खानी के आरोप में सजा बरकरार

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुंगेली जिले के बरेला सरकारी स्कूल के शिक्षक कीर्ति कुमार शर्मा की अपील खारिज कर दी है। इससे पहले पाक्सो कोर्ट ने उन्हें नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़खानी और अनुचित शारीरिक संपर्क (बैड टच) करने के आरोप में 2 साल 2 महीने 6 दिन की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी।

मामले के अनुसार, कीर्ति कुमार शर्मा पर स्कूल में पढ़ाई कर रही कई नाबालिग छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप था। पीड़ित छात्राओं की शिकायत के बाद मामला पाक्सो कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें दोषी ठहराया।

कीर्ति कुमार शर्मा ने इसके बाद हाई कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसमें उन्होंने सजा और जुर्माने को चुनौती दी। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी अपील सुनवाई के बाद खारिज कर दी और पाक्सो कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला नाबालिगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट का सख्त रुख यह संदेश देता है कि शिक्षक या किसी भी वयस्क द्वारा बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुंगेली जिले के शिक्षा अधिकारियों ने भी इस मामले की पुष्टि की है और कहा कि स्कूलों में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया में नाबालिग सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह सजा पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए न्याय का प्रतीक है और इससे भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले गंभीर अपराध माने जाते हैं और इसमें दोषियों को किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाती। यह फैसला छत्तीसगढ़ में नाबालिग सुरक्षा और शिक्षा क्षेत्र में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले ने यह भी दिखाया है कि शिक्षक और स्कूल कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों की जांच तेज और सख्ती से की जाएगी।

इस तरह, हाई कोर्ट का फैसला न केवल कीर्ति कुमार शर्मा के खिलाफ सजा को बरकरार करता है, बल्कि यह सभी स्कूलों और शिक्षकों के लिए सावधानी और जिम्मेदारी का सबक भी है।

Khabar 30 Din
Author: Khabar 30 Din

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